कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू नदी का जलस्तर बारिश के चलते एक बार फिर बढ़ने लगा है। बढ़ते जलस्तर से तराई में लोगों में दहशत पैदा हो गई है। बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद हालात और बिगड़ सकते हैं। हालांकि अभी हालात सामान्य हैं और नदी का पानी खतरे के निशान से 35 सेमी. नीचे है। इसके बाद भी प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। वहीं एसडीएम रामनगर ने बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण कर लोगों का हाल जाना।
पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के चलते सरयू का जलस्तर फिर से बढ़ने के साथ ही नदी का पानी गांवों की ओर पहुंचने से लोगों में दहशत है। पानी गांवों की ओर आता देख लोगों ने पलायन की तैयारी शुरू कर दी है। तराई के लोगों का कहना है कि यदि इसी समय कहीं बैराजों से पानी छोड़ दिया गया तो बाढ़ आने से कोई बचा नहीं सकता है।
इसलिए पहले से ही तैयारी कर ली जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। हालांकि सरयू अभी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर नीचे है। मगर जिस तेजी के साथ नदी का जलस्तर बढ़ रहा है रात तक वह खतरे के निशान को पार कर सकती है। इससे तेलवारी, गोबरहा, टेपरा, बघौलीपुरवा, सनावा, कहारनपुरवा, नव्वनपुरवा, बबुरी, मझारायपुर, परसवाल आदि गांव जो नदी के किनारे पर बसे हुए हैं, वह बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कई स्थानों पर कटान भी शुरू हो गई है। गोबरहा तेलवारी के साथ अन्य गांव जो नदी के किनारे पर बसे हैं उन गांव में कटान शुरू हो गयी है और खेत कटकर नदी में समाने लगे हैं। उधर रामनगर एसडीएम तान्या सिंह ने शुक्रवार को तपेसिपाह आदि बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण कर लोगों का हाल जाना। कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। तहसील प्रशासन पूरी तरह से आप लोगों के साथ है। एडीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि अभी कोई खतरा नहीं है। नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।