सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचकर फिर घटने लगा है। मगर बाढ़ पीड़ितों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बाढ़ और बारिश का पानी गांवों तक पहुंच जाने के कारण लोग नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। वहीं एडीएम ने मंगलवार को हेतमापुर पहुंच तटबंध पर रह रहे लोगों का हाल जाना और यथा संभव मदद का आश्वासन दिया।
सिरौलीगौसपुर तहसील की तराई इलाके में स्थित सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार सुबह से घटना शुरू हो गया। मगर यहां के लोगों की मुश्किलें जस की तस बनी हुई। तेलवारी, गोबरहा, कहारन पुरवा, नव्वन पुरवा, परसावल, मंझरायपुर, रेता आदि गांवों में नदी का पानी पहुंच जाने से यहां के लोग नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं।
इसके साथ ही तराई के गांवों में संक्रामक रोगों का खतरा भी बढ़ने लगा है। सूचना पर सीएचसी की टीम जलभराव वाले गांव तक नहीं पहुंच रही है। गोबरहा गांव के निकट हो रही कटान को रोकने में बाढ़ खंड नाकाम साबित हो रहा है। वहीं एडीएम राकेश कुमार सिंह ने अधिशासी अभियंता बाढ़ शशिकांत के साथ हेतमापुर पहुंच यहां के लोगों का हाल जाना और उन्हें यथासंभव मदद का आश्वासन दिया। एडीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों पर बराबर नजर रखी जा रही है।
सरयू में डूबा बालक, मचा कोहराम
गनेशपुर। दोस्तों के साथ सरयू में नहाने गया एक बालक डूब गया। सूचना पर पहुंचे लेखपाल ने गोताखोरों की मदद से बालक की तलाश कराई। मगर, उसका कोई पता नहीं चला। रामनगर क्षेत्र के सिसौंडा गांव निवासी गुल्लू निषाद का बेटा अजीत (8) मंगलवार को दोपहर तीन बजे दोस्तों के साथ सरयू में नहाने गया था।
इसी दौरान सरयू के तेज बहाव के चलते गहरे पानी में पहुंच गया। बालक को डूबता देख दोस्तों ने शोर मचाया। इस पर आसपास के ग्रामीण पहुंचे और सरयू में बालक की तलाश की। उसका पता न चलने पर सूचना लेखपाल को दी गई।
इस पर मौके पर पहुंचे लेखपाल नूर मोहम्मद ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से देर शाम तक बालक की तलाश कराई मगर सरयू के तेज बहाव को लेकर उसका पता नहीं चल सका। सूचना मिलते ही घर की महिलाएं भी रोते-बिलखते सरयू के किनारे पहुंच गईं। वहां पर कोहराम मचा रहा।