बाराबंकी/कोटवाधाम(बाराबंकी)। सरयू नदी का जलस्तर बेकाबू होता जा रहा है। नेपाल से छोड़े जा रहे पानी व पहाड़ों पर हुई बरसात के कारण नदी बृहस्पतिवार को खतरे के निशान के करीब पहुंच गई। रात में ही नदी लाल निशान को पार कर जाएगी। सरयू का पानी गांवों की ओर बढ़ने लगा है। फसलें नदी में समा रही हैं और ग्रामीण भयभीत हैं।
सरयू की बाढ़ को लेकर कई घर व सैंकड़ों बीघा फसल नदी के निशाने पर है। बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर 105.866 मीटर पर पहुंच गया जबकि खतरे का निशान 106.070 पर है। सरयू नदी की बाढ़ से रामसनेहीघाट, सिरौलीगौसपुर व रामनगर तहसील क्षेत्र के 100 से अधिक गांव प्रभावित होते हैं।
बीते 25 दिनों में नदी तेलवारी व उस पास बसे जमका गांवों के कई मकानों को अपने आगोश में ले चुकी है। बुधवार को नेपान के बैराजों से तीन लाख 11 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी उफान पर है। करारनपुरवा व तेलवारी गांव की ओर बढ़ रहे पानी से कई घर कटान की जद में आ सकते हैं।
नदी किनारे बसे गांवाें के लोग अलीनगर-रानीमऊ तटबंध पर तो उस पार के ग्रामीण चरसड़ी तटबंध की ओर कूच कर चुके हैं। बृहस्पतिवार को नांव से भी ग्रामीणों का पलायन तेज हो गया। प्रशासन के अनुसार शुक्रवार सुबह नदी का जलस्तर लाल निशान पार कर 106.106 पर पहुंच जाएगा। उधर एसडीएम विश्वमित्र सिंह ने बाढ़ क्षेत्र तेलवारी व करौनी गांव का निरीक्षण किया।
35 गांव निशाने पर, बांध पर बनेगा ठिकाना
सिरौलीगौसपुर के टेपरा, सनावा, कहारनपुरवा, भयकपुरवा, मनीरामपुरवा, बिहड़,परसा, कोठीडीहा, सिरौलीगुंग, बघौलीपुरवा, भैरवकोल, तेलवारी, बबुरी, सरदाहा, गोबरहा, इटाहुआपूर्व, सरायसुर्जन व नदी के उस पार बसे गांव बेहटा, मझारायपुर, नव्वनपुरवा, परसवाल तो रामनगर के सरसंडा व हेमतापुर समेत 35 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यहां के निवासियों को बांध पर ठिकाना बनाना पड़ सकता है।