बाराबंकी। पहाड़ों पर बारिश व नेपाल के बैराजों से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से सरयू नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार का खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। रविवार शाम जलस्तर लाल निशान से 60 सेमी ही नीचे था। जलस्तर प्रति घंटे चार सेमी की गति से बढ़ता नजर आया। इससे नदी किनारे रहने वाले 50 से अधिक गांवों में हड़कंप मच गया है।
रामनगर, सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र से गुजरी सरयू नदी के निशाने पर हर साल 150 से अधिक गांव रहते हैं। बीते एक सप्ताह से नदी का पानी घट-बढ़ रहा है जिसके कारणवश सिरौलीगौसपुर इलाके में कटान भी हो रही है।
एल्गिन ब्रिज पर नदी के जलस्तर का चेतावनी बिंदु 105.070 व खतरे का निशान 106.070 मीटर है। तीन दिन पहले नदी ने चेतावनी बिंदु पार किया मगर जलस्तर घटकर फिर 104.646 हो गया था। लेकिन नेपाल के बैराजों से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर फिर बढ़ा है।
रविवार को सरयू का जलस्तर इस साल अब तक के सर्वाधिक 105.476 मीटर पर पहुंच गया। नदी जिस गति से बढ़ रही है, उससे लगता है कि सोमवार को खतरे का निशान पार कर सकती है। इसे लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
तेलवारी व इटाहुआ पूर्व के खेतों में कटान तेज
कोटवाधाम (बाराबंकी)। तहसील क्षेत्र सिरौलीगौसपुर के निचले इलाकों में बसे गांवों में पानी भरने का आशंका बनी है। एसडीएम आनंद तिवारी ने इन गांवों में अलर्ट कर दिया है। बाढ़ चौकी के साथ नावों को लगा दिया है। प्रधानों व राजस्व अधिकारियों में तालमेल बना रहने की बात कही गई है। नदी के किनारे बसे तेलवारी व इटाहुआ पूर्व गांव के पास खेतों में तेजी से कटान हो रही है। नदी स्पर नंबर चार के करीब पहुंच गई है। अभी तक बाढ़ खंड का कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा है।
तहसीलदार ने किया दौरा, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
सूरतगंज (बाराबंकी)। तहसीलदार रामनगर रूपेंद्र विक्रम सिंह ने रविवार दोपहर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने लेखपाल व कानूनगो को निर्देश दिया कि बाढ़ का पानी हेतमापुर इलाके के सुंदरनगर, कंचनापुर व बेलहरी आदि गांवों की तरफ बढ़ेगा, इसकी निगरानी करते रहें, अलर्ट रहना होगा। वहीं बतनेरा गांव की प्रधान नंदनी अवस्थी के पति अमरीश अवस्थी ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर ललपुरवा को सूरतगंज और हेतमापुर गांव से जोड़ते हुए माताजी के मंदिर तक आठ सौ मीटर तक सड़क बनवाने की मांग की। सुंदरनगर गांव से रामविजय शुक्ला देवस्थान तक इंटरलॉकिंग व पुलिया निर्माण की भी मांग की।