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15 हजार फर्जी किसानों के खाते में भेजी जा रही थी सम्मान निधि

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बाराबंकी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में हुए फर्जीवाड़ा का सच एक के बाद एक नई जांच में निकलकर सामने आ रहा है। वर्तमान में ई-केवाईसी के साथ भूलेख सत्यापन में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। अब तक हुए 47 फीसदी किसानों के भूलेख सत्यापन में 15 हजार तीन सौ 96 भूमिहीन मिले। इन फर्जी मिले किसानों के खातों में सम्मान निधि भेजी जा रही थी। ऐसे में सत्यापन के खेल में लेखपाल से लेकर कई बड़े अफसरों की भूमिका संदिग्ध होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता।
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जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पोर्टल पर पांच लाख 70 हजार 277 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। इसमें से पांच लाख छह हजार 825 किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। सम्मान निधि में फर्जीवाड़े को लेकर कई बार केंद्र सरकार के आदेश पर जांच कराई गई। इसमें हर बार अपात्र किसानों के मिलने का सिलसिला जारी रहा। इस फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए पहले सरकार ने किसानों की ई-केवाईसी अनिवार्य की।
उसके साथ ही भूलेख सत्यापन का कार्य 31 अगस्त तक कराने का आदेश जुलाई माह में जारी किया। इसके बाद अगस्त माह से किसानों के भूलेख के सत्यापन के साथ किसानों को डाटा पोर्टल पर फीड़ करने का काम शुरू हुआ। इस काम में राजस्व विभाग व कृषि विभाग के कर्मचारी व अधिकारी लगाए गए।
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इसको लेकर युद्व स्तर पर चल रहे कार्य के तहत शनिवार तक सभी छह तहसील के 1799 गांव के पांच लाख 70 हजार 277 किसानों में 1563 गांव के दो लाख 66 हजार 634 किसानों का भूलेख सत्यापन कर डाटा पोर्टल पर अपलोड किया गया।
अब तक हुए 47 फीसदी किसानों के सत्यापन 15 हजार तीन से 96 भूमिहीन मिले। जबकि अभी 50 फीसदी से अधिक किसानों के भूलेख सत्यापन का कार्य पूरा होने पर यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में लेखपाल से लेकर बड़े अफसरों तक की सत्यापन के खेल में संदिग्ध भूमिका सामने आई।
साढ़े सात हजार मुर्दे भी ले रहे थे सम्मान निधि का लाभ
शनिवार तक हुए दो लाख 66 हजार छह सौ 34 किसानों के भूलेख सत्यपान में7568 मृतक भी मिले। जिनको सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। हालांकि पोर्टल पर डाटा अपलोड होने के बाद ऐसे किसानों के सम्मान निधि बंद करने के बाद मृतकों के खाते में पड़ी धनराशि वापस कराने की विभाग तैयारी कर रहा है।
किसानों के भूलेख सत्यापन का काम तेजी से चल रहा है। अब तक करीब 48 प्रतिशत भूलेख सत्यापन कर डाटा पोर्टल पर अपलोड़ कर दिया गया है। इस सत्यापन में करीब 16 हजार भूमिहीन व सात हजार से अधिक मृतक मिले है। जिनको प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था इनकी सम्मान निधि बंद कराने के साथ भेजी गई धनराशि की रिकवरी की जाएगी।
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-श्रवण कुमार, उप कृषि निदेशक
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