बाराबंकी। पुलिस की सुस्त रफ्तार जांच से हिंद मेडिकल कॉलेज में रैगिंग से तंग आकर फंदे पर लटकर जान देने वाली छात्रा सलोनी पुष्कर की मौत पहेली बनी है। जहां उसकी मां ने एफआईआर में पूरे मामले की जानकारी विभागाध्यक्ष व प्रिसिंपल को दिए जाने की बात कही है वहीं विभागाध्यक्ष, प्रिसिंपल व वार्डेन का कहना है कि सलोनी ने कभी भी रैगिंग की कोई मौखिक अथवा लिखित शिकायत नहीं की। पुलिस भी इस मामले में अभी तक कालेज प्रबंधन से जुड़े विभागाध्यक्ष, प्रिसिंपल व वार्डेन तक का बयान दर्ज नहीं किया है। इससे साबित होता है कि जिम्मेदार सलोनी की पीड़ा से किनारा कसे हैं।
हिंद मेडिकल कॉलेज में 27 जुलाई को हॉस्टल के अंदर कमरे में बहराइच जिले की नर्सिंग छात्रा सलोनी पुष्कर का शव फंदे पर लटका मिला था। दो दिन बाद मृतका की मां गोमती देवी ने सीनियर छात्रा के खिलाफ केस दर्ज कराते हुए रैगिंग व प्रताड़ना का आरोप लगाया था। मां ने आरोप लगाया कि प्राचार्य व विभागाध्यक्ष ने उसकी शिकायत अनसुनी कर दी। एक दिन पहले कॉलेज में हुई एंटी रैंगिंग कमेटी की पूछताछ मेंविभागाध्यक्ष, प्रिसिंपल व वार्डेंन ने इस बात से साफ इंकार कर दिया कि सलोनी ने उनसे कोई शिकायत की थी। लेकिन छात्राओं के बयान, सलोनी का सिर पटकना व रोना इस बात का इशारा करता है कि उसे कोई पीड़ा तो थी। इतना संवेदनशील मामला होने पर ही जिम्मेदारों ने इसे संज्ञान में क्यों नहीं लिया।
मामले की जांच सीओ सिटी जगत कनाैजिया ने अभी तक कॉलेज प्रशासन से जुड़े लोगों का बयान तक दर्ज नहीं किया है। फिलहाल पुलिस काल डिटेल व सीसीटीवी फुटेज की जांच किए जाने की बात कह रही है।