फतेहपुर। रमनगरा आश्रम के प्रसिद्ध संत नंदकिशोर दास उर्फ टाटंबरी का शनिवार रात निधन हो गया। वे 93 वर्ष के थे। उनके निधन से अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार रविवार को किया गया। चेला रामेश्वर दास ने उन्हें मुखाग्नि दी। बाबा बाल्यकाल में उत्तराखंड के पहाड़ों पर तपस्या के लिए चले गए थे। 12 वर्ष की आयु से ही वे साधु बन गए थे। वस्त्र फटने पर टाट पहनने के कारण उनका नाम टाटंबरी पड़ा। उनके अनुयायी उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कई जगह से थे। अंतिम संस्कार के समय सड़कों पर जाम लग गया था। इस मौके पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रेम चन्द्र पाल, राजीव नयन तिवारी आदि मौजूद रहें।