बाराबंकी। शारदीय नवरात्र में जिलेभर में रखी गई अधिकतर देवी प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार को होगा। इसे लेकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। हैदरगढ़ व रामनगर में जहां डायवर्जन किया गया है वहीं घाटों पर गोताखोर के साथ पीएसी तैनात रहेगी। सुरक्षा व सुविधा की दृष्टि से घाघरा, गोमती व कल्याणी नदी के साथ इंदिरा नहर के घाटों पर प्रकाश व्यवस्था की गई है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में केवल प्रतिमाएं रहेंगी।
जिलेे में दो हजार से अधिक स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। अब पुलिस प्रशासन शांतिपूर्वक तरीके से विसर्जन कराने में लगा है। रामनगर व हैदरगढ़ क्षेत्र में सर्वाधिक प्रतिमाएं विसर्जित होनी हैं। एएसपी पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि रामनगर में दो जगहों पर बैरियर बनाए गए हैं। बड़े वाहन चौकाघाट से बदोसराय होते हुए सफदरगंज के लिए निकलेंगे। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर केवल प्रतिमाएं रहेंगी। घाट के किनारे केवल 10 लोगों को जाने दिया जाएगा।
उधर, हैदरगढ़ में भी गोमती नदी के घाटों पर प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर पुलिस प्रशासन चाक चौबंद है। हैदरगढ़ के कोतवाल अजय त्रिपाठी ने बताया कि हैदरगढ़ से कोठी जाने वाले मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश नहीं होगा। कोतवाली टिकैतनगर में मंगलवार को एडीएम न्यायिक इंद्रसेन यादव व एएसपी दक्षिणी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने दुर्गा पूजा व रामलीला कमेटियों के पदाधिकारियों संग बैठक की। अधिकारियों ने कहा कि प्रतिमाएं उन्हीं रास्तों से जाएंगी जिनसे पिछले रास्तों से गई थीं। मंगलवार को नवमी के दिन भी शाम तक जिले भर में 45 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
गैर जिलों से आएंगी 107 प्रतिमाएं, जाएंगी 26
जिले में जहां गैर जिलों से 107 प्रतिमाएं विसर्जन के लिए आएंगी वहीं करीब 26 प्रतिमाएं गैर जिलों को जाएंगी। एएसपी पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि लखनऊ से दो प्रतिमाएं सतरिख क्षेत्र में, अयोध्या से 44 प्रतिमाएं रामसनेहीघाट क्षेत्र में, अमेठी जिले से 49 व रायबरेली से 12 प्रतिमाएं हैदरगढ़ क्षेत्र में विसर्जित की जाएंगी। इसी प्रकार शहर कोतवाली, देवा, कुर्सी, दरियाबाद व सुबेहा की 26 प्रतिमाएं लखनऊ व अयोध्या जिलों में जाकर विसर्जित की जाएंगी।