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Barabanki News: डकैती का मुकदमा फिर भी प्रमोशन, इंस्पेक्टर पर केस

Sat, 01 Mar 2025 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। डकैती के केस में आरोपी बनाए गए दरोगा ने अपने ही विभाग के अफसरों को गुमराह कर इंस्पेक्टर पद पर प्रमोशन पा लिया। मौजूदा समय में बाराबंकी के जिला अपराध कंट्रोल ब्यूरो के प्रभारी पद पर तैनात है। आईजी के निर्देश पर सीओ सदर के स्तर से हुई जांच में आठ साल खुलासा हुआ कि डकैती का मुकदमा दर्ज होने के बाद भी उन्हें प्रोन्नति दे दी गई। एसपी के निर्देश पर बृहस्पतिवार देर शाम इंस्पेक्टर के खिलाफ शहर कोतवाली में केस दर्ज किया गया है। इससे पुलिस विभाग में हड़कंप है।
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1999 में कानपुर के कर्नलगंज थाने में दरोगा अंगद प्रताप सिंह के खिलाफ डकैती का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस केस में दो अक्टूबर 2002 में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत आरोप पत्र भी दाखिल किया गया, लेकिन प्रमोशन के लिए 2015-16 में अंगद प्रताप ने फतेहपुर जिले में तैनाती के दौरान विभाग को झूठा घोषणा पत्र दिया कि उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला नहीं है। इसी आधार पर उन्हें दरोगा से प्रोन्नति देकर इंस्पेक्टर बना दिया गया।
आईजी स्थापना ने 22 अगस्त 2024 में इस मामले की जांच के आदेश दिए। एसपी के निर्देश पर सीओ सदर हर्षित चौहान की जांच सामने आया कि अंगद प्रताप सिंह ने विभागीय अफसरों को झूठी जानकारी देकर प्रमोशन लिया। इस रिपोर्ट के आधार पर एसपी कार्यालय की प्रधान लिपिक मीना भाटिया ने आरोपी के खिलाफ बृहस्पतिवार शाम शहर कोतवाली में तहरीर दी। कोतवाल आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच इंस्पेक्टर केके यादव को सौंपी गई है।
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मुकदमे के बाद अब विभागीय कार्रवाई भी
फर्जीवाड़ा कर दरोगा से इंस्पेक्टर बनने वाले अंगद प्रताप सिंह मसौली व टिकैतनगर में थाना प्रभारी रह चुके हैं। अब उन पर विभागीय कार्रवाई का खतरा भी मंडराने लगा है। डकैती के आरोपी को प्रमोशन कैसे मिला, यह विभागीय अफसरों की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठा रहा है।
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