कोटवाधाम। परिवहन विभाग बसों की फिटनेस दुरुस्त होने का दावा करता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बया करतती है। अक्सर बसों के बीच रास्ते में खराब होने से यात्रियों को काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। सोमवार को बाराबंकी डिपो की बस अगानपुर गांव के पास अचानक बंद हो गई। यह बस सोमवार सुबह राजधानी से सवारियां लेकर टिकैतनगर के लिए रवाना हुई थी।
बस अपना पूरा सफर तय करने से पहले ही अचानक सड़क किनारे खड़ी हो गई। चालक और परिचालक ने इसे चालू करने का काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों और यात्रियों ने भी बस को धक्का लगाकर स्टार्ट करने की कोशिश की पर बस का इंजन स्टार्ट नहीं हो सका। इस कारण गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों को काफी देर तक सड़क किनारे खड़े हो कर परेशानी उठाना पड़ी। अंत में यात्रियों को दूसरे वाहनों का सहारा लेकर आगे का सफर पूरा करने के लिए विवश होना पड़ा।
बीच रास्ते में रोडवेज बस के खराब होने की इस घटना ने परिवहन विभाग की बसों की फिटनेस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि बसों की नियमित जांच के दावे झूठे साबित होते हैं। यात्रियों ने जर्जर व तकनीकी तौर पर खराब बसों को सड़क पर नहीं उतारने के साथ बसों की नियमित जांच कराने की मांग की है।