कम आबादी वाले 47 गांव को अब कच्चे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर गुजरने से राहत मिल जाएगी। ऐसे गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने की मंजूरी मिल चुकी है। पीडब्लूडी विभाग द्वारा ऐसे गांवों का प्रस्ताव एक वर्ष पूर्व भेजा गया था। शासन से स्वीकृत मिलने के बाद विभाग टेंडर प्रक्रिया पूरी होने व बजट का आवंटन होने की राह देख रहा है। इसमें से सात सड़कों का निर्माण नाबार्ड-23 व बाकी की 40 सड़कों का निर्माण पीडब्लूडी विभाग द्वारा कराया जाना है।
लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 में 250 आबादी से अधिक वाले 47 गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसमें तीनों डिवीजनों में प्रांतीय खंड की सात, निर्माण खंड-एक की 15 व निर्माण खंड-तीन की 25 सड़कें शामिल हैं। शासन से इन सड़कों की लंबाई व निर्माण में आने वाले खर्च की संभावित धनराशि के साथ निर्माण कार्य की स्वीकृत दे दी है। इसमें से सात सड़कें जिनकी लंबाई 11.48 किमी. है और इसकी अनुमानित लागत साढ़े आठ करोड़ है
इसका निर्माण नाबार्ड-23 योजना के तहत किया जाएगा लेकिन कार्यदाई संस्था पीडब्लूडी ही रहेगी। वहीं 40 सड़कें जिनकी लंबाई 46.31 किमी. है जिसकी अनुमानित लागत करीब 30 करोड़ है इसका निर्माण पीडब्लूडी विभाग द्वारा कराया जाना है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कार्यों की स्वीकृत मिल चुकी है अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने व धन आवंटित होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।