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घटते जलस्तर के साथ तेज हुई सरयू की कटान

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कोटवाधाम (बाराबंकी)। सप्ताहभर से रौद्ररूप दिखा रही सरयू का जलस्तर घटने लगा है। मगर, इसके साथ शुरू हुई तेज कटान के आगे करोड़ों की परियोजनाएं बौनी दिख रही हैं। ऐसे में सरयू के किनारे बसे तेलवारी गांव का अस्तित्व बचाने का संकट गहरा गया है। बाढ़ खंड ने जहां बचाव के कार्य में तेजी दिखाई तो एसडीएम में स्थलीय निरीक्षण कर तेलवारी गांव को कटान से बचाने के निर्देश दिए। वहीं कटान का खतरा देख ग्रामीणों का पलायन शुरू हो गया है।
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सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में एक सप्ताह से उफनाई सरयू तराई के बाशिंदों के साथ बाढ़ खंड के अधिकारियों की धड़कनें बढ़ा रही है। मंगलवार की शाम से सरयू का जलस्तर घटने के साथ तेज हुई कटान ने मुसीबतें बढ़ा दी हैं। करोड़ों की परियोजनाएं भी बाढ़ की कटान रोकने में नाकाफी साबित होने से बाढ़ खंड के अधिकारी भी सरयू के रौद्र रूप के आगे नतमस्तक दिख रहे है। गांव की ओर बढ़ रही कटान को देख तेलवारी गांव के ग्रामीणों सहमें हुए हैं।
हालांकि तेज हुई कटान को रोकने को लेकर बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बचाव कार्य तेज कर दिया है। बुधवार को सिरौलीगौसपुर के एसडीएम सुरेंद्रपाल विश्वकर्मा ने तेलवारी गांव का पहुंचकर निरीक्षण किया। उसके बाद तेलवारी को बचाने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान रोकने के लिए प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए।
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मगर, सरयू की कटान को देख सहमें तेलवारी गांव के जगत, ननकऊ, रामबरन, नकछेद, रामअचल, उदयराज आदि ने अपना गृहस्थी व सामान समेट कर पलायन शुरू कर दिया है। गांव के बूढ़े व बच्चों को अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर सुरक्षित पहुंचाया गया है। एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा ने बताया कि तेलवारी गांव के समीप जहां सरयू में कटान हो रही है। वहां पर बाढ़ खंड ने युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया है। जल्द ही कटान को पूरी तरह से रोक लिया जाएगा।
अपना आशियाना खोने का ग्रामीणों में दिखा खौफ
तेलवारी गांव के समीप तेज हुई कटान से लोगों को अपना घर खोने व नया स्थान तलाशने की चिंता सताने लगी है। मंगलवार शाम से तेज हुई कटान से परेशान ग्रामीणों ने बाढ़ खंड के अधिकारियों को खरीखोटी भी सुनाई है। रात के समय खौफजदा ग्रामीणों ने करोड़ों खर्च के बाद भी कटान से राहत न मिलने से नाराज हुए तो बाढ़ खंड के जेई को गांव से खदेड़ दिया।
हालांकि समझाने बुझाने के बाद ग्रामीण माने तो बुधवार को पुन: बचाव कार्य शुरू हो पाया है। गांव की ओर बढ़ रही कटान को देखने के बाद अपने घर की तरफ निहारते हुए गांव की वृद्ध महिला मालती ने अधिकारियों से कहा कि अपन यू घर मेहनत मजूरी कर के बनाये रहन अब हमरे लड़िकन का यही छत तोड़यक पड़ी। साहेब हमार घर बचाय लियो, यहय प्रार्थना हय आप सेनी।
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