बाराबंकी। किसानों को धान का समर्थन मूल्य दिलाने के उद्देश्य से शासन के आदेश पर जिले में धान खरीद शुरू करा दी गई है। जिले के सभी 58 केंद्रों पर धान खरीद शुरू हो चुकी है। मगर खुले बाजार में चावल काफी सस्ते दाम पर बिक रहा है। यही कारण है कि बाजार में धान के भाव गिर रहे हैं और आढ़ती व व्यापारी इसे औने-पौने दाम पर खरीद रहे हैं।
सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 1868 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है और इसी दर पर सरकारी खरीद भी हो रही है। जिले में 58 धान खरीद केंद्र खोले गए हैं और इनके माध्यम से अब तक 3200 मीट्रिक टन धान की खरीद भी की जा चुकी है। मगर बाजार पर नजर डालें तो हालात कुछ और ही नजर आ रहे हैं।
जानकार बताते हैं कि सरकार द्वारा मुफ्त अनाज वितरण योजना के बाद चावल के दामों में भारी गिरावट आई है। मौजूदा समय में चावल के दाम 1600 रुपये प्रति क्विंटल तक आ गए हैं। जबकि ये हालात इससे पहले कभी नहीं रहे। चावल के दाम 2100 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल से कम कभी नहीं आए। मगर इस बार स्थिति बदली हुई नजर आ रही है।
यही कारण है कि खुले बाजार में धान के दाम बढ़ नहीं पा रहे हैं। आढ़ती व व्यापारी एक हजार रुपये से लेकर 1100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रहे हैं। चूंकि किसानों को आगे की फसल की बोआई के लिए पैसों की सख्त जरूरत है ऐसे में वे औने-पौने दाम पर धान बेचने के लिए मजबूर हैं और व्यापारी व आढ़ती इसका फायदा उठा रहे हैं।
जानकारों की मानें तो सरकार द्वारा किया जा रहा मुफ्त अनाज का वितरण कार्डधारकों के जरिये बाजार में जा रहा है। इससे व्यापार पर विपरीत असर पड़ रहा है और बाजार का सारा खेल बिगड़ता जा रहा है। यही कारण है कि बाजार में गेहूं, धान और चावल की कीमतें काफी नीचे आ गई हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हो रहा है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि जिले में 15 अक्तूबर से धान की खरीद शुरू हो गई है इसके लिए जिलेभर में 58 क्रय केंद्र खोले गए हैं और अब तक 3200 एमटी धान की खरीद सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है। सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को सीधे किसानों से ही धान की खरीद करने के आदेश दिए गए हैं।