नगर निकाय चुनाव को लेकर आरक्षण पर उस समय विराम लग गया। जब शासन ने बृहस्पतिवार शाम नगर पालिका परिषद समेत नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण सूची जारी कर दी। आरक्षण सूची जारी होने के बाद से जिले के एक नगर पालिका समेत कई नगर पंचायतों में चेयरमैन पद जीतने के लिए प्रचार-प्रसार में जुटें कई दिग्गजों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। उधर, पार्टियों ने भी चेयरमैन पदों के लिए पार्टी के सदस्यों से आवेदनों को मांगना शुरू कर दिया है।
बृहस्पतिवार शाम शासन द्वारा नगर निकायों के अध्यक्ष पद का आरक्षण जारी किए जाने के बाद प्रसार-प्रसार कर चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे कई संभावित चेहरों पर मायूसी छा गई। लाखों रुपये खर्च कर नगर पालिका परिषद सीट जीतने के लिए लगे दिग्गजों को स्वयं की जगह पत्नी या मां को लड़ाने के लिए नए सिरे से मेहनत करनी होगी। जिले में सबसे रोचक मुकाबला होने वाले नगर पालिका सीट इस बार महिला चेहरा अध्यक्ष के रुप में सामने आएगा।
इसके लिए निर्वतमान अध्यक्ष व भाजपा नेता रंजीत बहादुर श्रीवास्तव, सपा के जिलाध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह, हफीज भारती के अलावा धर्मेंद्र यादव, पंकज गुप्ता पंकी, राजेश प्रताप सिंह राजू, बाबादीन यादव समेत कई दिग्गज अपनी पत्नियों के सहारे राजनीतिक वजूद बचाने की रणनीति शुरू की है।
आरक्षण सूची जारी होने के बाद भाजपा, सपा, कांग्रेस व बसपा के सिंबल पर चुनाव लड़ने की तैयारी भी तेज हो गई है। वर्तमान में केंद्र व प्रदेश में सत्तादल भाजपा के जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव ने कहा पार्टी हाईकमान के दिशा निर्देश मिल चुके हैं। अधिसूचना जारी होते ही नगर पालिका समेत सभी निकायों के अध्यक्ष व सभासद सीट पर चुनाव लड़ा जाएगा।
सपा जिलाध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि सभी सीटों पर पार्टी के सिंबल पर चुुनाव लड़ने की तैयारी है। 20 अक्टूबर तक आवेदन मांगें गए हैं। जिन्हें 23 अक्टूबर तक पार्टी हाईकमान को भेज दिया जाएगा। कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने बताया कि पार्टी पूरी ताकत व मेहनत के साथ नगर निकाय चुनाव लड़ेंगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। बसपा जिला प्रभारी सुरेश गौतम ने कहा कि पार्टी के निर्देश पर सभी सीटों पर हाथी के सिंबल पर चुनाव लड़ा जाएगा। इसके लिए जल्द ही बैठक कर रणनीति तैयार की जाएगी।