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निकाय चुनाव में आरक्षण बिगाड़ेगा दिग्गजों का खेल

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बाराबंकी। निकाय चुनाव की तैयारियों की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। परसीमन, रैपिड सर्वे के बाद अध्यक्ष और सभासदों के पद के लिए आरक्षण का काम भी पूरा हो गया है। प्रशासन ने अपनी एक रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इस बार कई पद आरक्षण की जद में आने के बाद कई दिग्गजों को चुनाव मैदान से बाहर का रास्ता देखना पड़ सकता है। वहीं जिले में पहली बार बनी रामसनेहीघाट नगर पंचायत की अध्यक्ष की कुर्सी आरक्षित वर्ग में जा सकती है। हालांकि अभी अधिकृत तौर पर किसी सीट पर कोई घोषणा नहीं हुई है। किंतु संभावित प्रत्याशी इसे लेकर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं।
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जिले में एक नगर पालिका परिषद और नवसृजित नगर पंचायत रामसनेहीघाट समेत 13 नगर पंचायतों में 201 सभासदों के पद सृजित हैं। इन पदों के लिए सबसे पहले परिसीमन किया गया फिर रैपिड सर्वे के अनुसार जाति की फीडिंग हुई और बाद में चक्रानुक्रम को लेकर आरक्षण परिक्रिया पूरी कर ली गई।
जिला प्रशासन पर कसरत के बाद आरक्षण की पूरी सूची अनुमोदन के लिए शासन को भेज दी गई। वहां से अनुमोदन मिलने के बाद उसका प्रकाशन होगा और उस पर आपत्तियां ली जाएंगी। दो दिन बाद इसका प्रकाशन हो सकता है। रैपिड सर्वे और चक्रानुक्रम को लेकर कई सभासदों की कुर्सी आरक्षण की जद में आ गई है। संभावित प्रत्याशी अपने आस-पड़ोस की सीट पर जुगाड़ फिट करने में लगे हैं। फिर भी कईयों के चुनाव मैदान से हटने की संभावना है तो कुछ लोग अपने चहेतों को मैदान में उतारना चाहते हैं।
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इसी तरह अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण की व्यवस्था शासन स्तर पर तय होनी है। पहले ही वहां पूरी रिपोर्ट तैयार करा ली गई है। जानकारों का मानना है कि जिले की एक नगर पालिका और 13 नगर पंचायत अध्यक्षों में बदलाव होना तय है। क्योंकि जो सीट एससी और पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित है वह इस बार उस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं होगी। इससे कई अनारक्षित सीटों पर कब्जा जमाए दिग्गजों की कुर्सी फंस सकती है।
एक मात्र नगर पालिका में 60 प्रतिशत से अधिक पिछड़े वर्ग की आबादी होने के कारण यहां भी बदलाव के संकेत हैं। यही हाल फतेहपुर नगर पंचायत का बताया जाता है। पहली बार नगर पंचायत बनी रामसनेहीघाट में चक्रानुक्रम शून्य मानकर आरक्षण होगा। इसलिए यहां भी अधिक आबादी वाले वर्ग के लिए सीट जा सकती है। सूत्रों का दावा है कि यह सीट पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित होने के संकेत मिले हैं। इस तरह जिले में होने वाले चुनाव की सरगर्मियां बढ़ गई हैं और संभावित प्रत्याशी जनता से लेकर पार्टी के नेताओं के यहां चक्कर लगाना शुरू कर दिया है।
नगर पंचायत सदस्यों और सभासदों के आरक्षण की कसरत पूरी कर अनुमोदन के लिए शासन को भेज दिया गया है। वहां से आदेश मिलने के बाद प्रकाशन कर आपत्तियां ली जाएंगी। उसके बाद आरक्षण की सूची प्रकाशित होगी। किसी परकार की कोई सूची अभी न वायरल हुई है और न ही प्रकाशित की गई है।
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-राकेश सिंह, एडीएम
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