लोनी कटरा क्षेत्र के लखनऊ-बनारस रेलवे मार्ग स्थित छन्दरौली स्टेशन के समीप टूटी रेलवे लाइन को दुरुस्त करते कर्मचारी।
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लखनऊ सुल्तानपुर रेलमार्ग पर छंदरौली स्टेशन के निकट पटरी टूटने की घटना के दूसरे दिन रेलपथ निरीक्षक व मैकेनिकों ने पटरी को दुरुस्त किया। इस दौरान कॉशन लगा कर ट्रेनों की रफ्तार को धीमा करके ट्रेनों का आवागमन बहाल रखा गया।
बृहस्पतिवार को छंदरौली स्टेशन के निकट रलमार्ग की टूटी पटरी को दुरुस्त किया गया। रेलपथ निरीक्षक सुनील शर्मा ने अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंच कर गैस कटर से टूटी पटरी को काट कर अलग किया और वेल्डिंग करके नई पटरी जोड़ी गई।
रेलपथ दुरुस्त किए जाने के दौरान कॉशन लगा कर ट्रेनों की रफ्तार कम करके मार्ग पर आवागमन को बहाल रखा गया। रेलपथ निरीक्षक ने कहा कि कार्य का काफी बोझ है बात करने की फुर्सत नहीं है। मालूम हो कि लखनऊ सुल्तानपुर रेलमार्ग पर छंदरौली स्टेशन के निकट मुख्य पथ की पटरी टूटी थी।
एक फिट लंबाई में पटरी की दो इंच टूटी हुई थी। सुबह सवा आठ बजे स्टेशन से सिंग्नल मिलने पर दौड़ी जम्मू से वाराणसी की ओर जा रही बेगमपुरा एक्सप्रेस ट्रेन को स्टेशन से पूरब चाभी मैन बृजेश ने लाल झंडी देकर रोक लिया था जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया था लेकिन इससे रेल विभाग कोई सबक लेने को तैयार नहीं है और दूसरे दिन तक टूटी पटरी को दुरुस्त किया जाता रहा।
छह से सात किलोमीटर रेलमार्ग की निगरानी के लिए तैनात चाभी मैन पैदल ही मार्ग की पेट्रोलिंग करता है। रेल के आधुनिकीकरण के दौर में भी एक चाभी मैन ही छह से सात किमी रेलपथ की पैदल पेट्रोलिंग करता है। रेलकर्मियों की मानें तो लगातार ट्रेनों के आवागमन के बीच प्रत्येक ट्रेन जाने पर पेट्रोलिंग हो पाना संभव ही नहीं है। स्टेशन इंचार्ज अनुराग शर्मा ने कहा रेल पटरी की निगरानी रेलपथ विभाग करता है।