बाराबंकी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मदरसा एक्ट को असंवैधानिक घोषित किए जाने के आदेश को खारिज किए जाने से जिले में इन मदरसों में पढ़ने वाले 59 हजार से अधिक बच्चों को राहत मिली है। इसके साथ ही बीते सात माह से इन मदरसों के संचालन को लेकर कायम संशय भी खत्म हो जाने से मदरसा संचालकों ने भी राहत महसूस की है।
जिले में 23 राज्य अनुदानित मदरसा संचालित हो हैं, जिनमें 10556 बच्चे अध्ययन कर रहे हैं। इसी के साथ 298 मान्यता प्राप्त मदरसों में 37,622 एवं नौ मिनी आईटीआई में 275 बच्चे अध्ययनरत हैं। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा कराई गई जांच में जिले में 169 गैर मान्यता प्राप्त मदरसों में भी 11,144 छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। मार्च माह में उच्च न्यायालय इलाहाबाद की ओर से यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशनल एक्ट 2004 को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। इसके बाद मदरसों के संचालन पर तलवार लटकने के साथ ही यहां पढ़ने वाले 59,322 बच्चों को दूसरे शिक्षण संस्थानों में स्थानांतरित किए जाने की तैयारियां भी होने लगी थी।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मदरसा संचालकों ने बड़ी राहत महसूस की है। फिलहाल मदरसों को बंद किए जाने का संकट टल गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बालेंदु भूषण द्विवेदी ने बताया कि शासन के निर्देशों का शत प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा।