बाराबंकी। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने शुक्रवार को तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित पांच गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संभावित बाढ़ के दृष्टिगत की जा रही तैयारियों की मौके पर ही समीक्षा की। सरयू नदी में जलस्तर बढ़ने पर ये गांव अक्सर संपर्क विहीन हो जाते हैं। इस दौरान डीएम ने ग्रामीणों से संवाद सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं का फीड बैक भी लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ पूर्व सभी तैयारियां निर्धारित समय पर पूरी कर ली जाएं। इससे किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित ग्रामीणों को त्वरित राहत मिल सके। डीएम ने एसडीएम रामसनेहीघाट को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ चौकियों, राहत सामग्री और सुरक्षित आश्रय स्थलों की नियमित समीक्षा करने को कहा।
डीएम ने प्राथमिक विद्यालय गुनौली में ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर ग्रामीणों का फीडबैक लिया। ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने बीडीओ पूरेडलई को निर्देशित करते हुए कहा कि पात्र व्यक्तियों को शत-प्रतिशत सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रहे। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता निवासियों की सुरक्षा है। जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी प्राथमिकता में शामिल है।
बचाव तैयारियों और जनगणना की प्रगति
प्रशासन बाढ़ संभावित क्षेत्रों में समयबद्ध राहत और बचाव तैयारियां सुनिश्चित करेगा। जिलाधिकारी ने इस पर विशेष ध्यान देने को कहा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भारत की जनगणना-2027 की जानकारी भी ली। एचएलबी गणना की प्रगति के बारे में अधिकारियों से पूछा गया। इस अवसर पर एसडीएम अनुराग सिंह आदि मौजूद रहे।