चुनावी अधिसूचना जारी होने के बाद जिले के माननीयों का रुतबा कम होने लगा है। अब तक दो-दो गनर के साथ चलने वाले कई विधायकों, एमएलसी और सांसदों को मानक के अनुसार सिर्फ एक ही सुरक्षा कर्मी मिलेगा।
इसके तहत जिले में 11 गनर वापस कर लिए गए हैं। जिले के छह विधायक, दो सांसद व एक एमएलसी समेत सपा जिलाध्यक्ष व अन्य के गनर हटाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र सिंह ने देर शाम सुरक्षा कर्मियों की तैनाती को लेकर एक समीक्षा बैठक भी की।
बुधवार को चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद लागू हुई आचार संहिता के पालन में जिला प्रशासन सड़कों व चौराहों पर नेताओं के लगे बैनर, पोस्टर, होर्डिंग हटाने के बाद अब उनके एक-एक सुरक्षा कर्मी कर दी है।
हालांकि पुलिस चुनाव के दौरान अपनी आवश्यकता को देखते हुए यह फैसला बता रही है किंतु सूत्रों का दावा है कि मानक से अधिक सुरक्षा गनर देने पर चुनाव आयोग की नजर कहीं टेढ़ी न हो जाए। चुनाव आयोग सेे सभी माननीयों के पास सुरक्षा की दृष्टि से एक-एक गनर रखने का मानक तय किया है।
इसके अलावा यदि किसी को आवश्यकता हो तो उसकी रिपोर्ट के अनुसार अलग से सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। पुलिस ने बुधवार को जिले के विधानसभा नवाबगंज क्षेत्र के विधायक सुरेश यादव, हैदरगढ़ के विधायक राममगन रावत, कुर्सी के विधायक फरीद महफूज किदवई, रामनगर के विधायक अरविंद कुमार सिंह गोप, दरियाबाद के विधायक राजा राजीव सिंह का एक-एक गनर वापस लिया गया है।
वहीं एमएलसी राजेश यादव से तीन व सांसद प्रियंका सिंह रावत व राज्यसभा सांसद डॉ. पीएल पुनिया कर एक-एक गनर वापस लिया गया है। इसके अलावा सपा जिलाध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह व चौधरी अदनान समेत 13 गनर वापस लिए गए हैं।
चुनाव में अधिक सुरक्षा कर्मियों की आवश्यकता होने के कारण गनर वापस किए जा रहे हैं। इस दौरान जो भी मानक है उसके अनुसार सभी जनप्रतिनिधियों को एक-एक गनर मुहैया कराया गया है। आयोग व चुनावी परिस्थितियों को देखते हुए सभी को सुरक्षा व्यवस्था मिलेगी। -शफीक अहमद, अपर पुलिस अधीक्षक