बाराबंकी। खटारा स्कूली वाहनों को फर्राटा भरने से रोकने के लिए परिवहन विभाग ने अब 15 दिवसीय मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान शुरू किया है। इसके तहत एआरटीओ ने जिले के 120 अनफिट वाहनों की रेड सूची जारी की है। 25 अगस्त तक पूरे जिले में मिशन सेफ फ्यूचर के तहत अफसरों की टीमें सड़कों पर उतरकर चेकिंग अभियान संचालित करेगी। सूची में शामिल वाहनों की फिटनेस 30 दिन में अपडेट न होने वाले वाहनों की आरसी निरस्त की जाएगी। इस दौरान स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले प्रबंधकों पर भी कार्रवाई की गाज गिरेगी।
एआरटीओ (प्रशासन) की लाल सूची में कई नामचीन स्कूल शामिल हैं, जिनकी बसें और वैन बिना वैध फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रही हैं। इसको लेकर निर्देश हैं कि नोटिस के 30 दिनों के भीतर अगर फिटनेस नहीं कराई गई, तो मोटरयान अधिनियम की धारा-53 के तहत पंजीयन तुरंत सस्पेंड कर दिया जाएगा। इसके साथ ही मनमानी करने वाले विद्यालयों की मान्यता रद्द कराने की रिपोर्ट सीधे जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। डीआईओएस अमिता सिंह ने बताया कि रेड लिस्ट वाले विद्यालयों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं। मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर सीधी दंडात्मक कार्रवाई होगी।
ड्राइवरों का आई टेस्ट अनिवार्य
सभी स्कूलों को अपने चालकों की काउंसलिंग कराकर स्वास्थ्य और नेत्र परीक्षण शिविर लगाने होंगे। प्रबंधन को ड्राइवरों की फिटनेस का बाकायदा सर्टिफिकेट जारी करना होगा। चालकों का पुलिस कैरेक्टर वेरिफिकेशन भी अनिवार्य होगा। छोटे बच्चों को सुरक्षित चढ़ाने-उतारने के लिए हर गाड़ी में महिला या पुरुष सहायक की तैनात भी होगी। चेकिंग के दौरान बच्चों के सवार रहने पर गाड़ी बंद नहीं की जाएगी, उन्हें स्कूल या घर छोड़ने के बाद ही जब्ती की कार्रवाई होगी। जिन विद्यालयों ने गाड़ियां खराब बताकर हलफनामा दिया है, उनका मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन होगा।