दिव्यांग फरियादी सत्येंद्र। -संवाद
बाराबंकी। फतेहपुर तहसील सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी फरियादियों की शिकायत सुन रहे थे। उसी बीच छेदा निवासी बीनू देवी ने कहा कि साहब हमारे पास राशन कार्ड नहीं है, यदि राशन कार्ड बन जाता तो काफी हद तक राहत मिल जाती। वहीं फतेहपुर निवासी शत्रोहन ने बताया कि उनके पोता और पोती के नाम राशन कार्ड में नहीं हैं, यदि इनके नाम बढ़ा दिए जाएं तो बड़ी मेहरबानी होगी।
डीएम ने डीएसओ को प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए। डीएम का निर्देश मिलते ही मौके पर पहुंचे आपूर्ति निरीक्षक ने संपूर्ण प्रक्रिया पूरी कराते हुए 15 मिनट में पात्र गृहस्थी योजना के तहत राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया। शत्रोहन के पोता-पोती के नाम भी बढ़ा दिए गए।
संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की शिकायत सुनने के बाद डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जो शिकायतें बाकी रह गई हैं, उनका निस्तारण एक सप्ताह के अंदर हर हाल में करा दिया जाए। इसके लिए अधिकारी मौके पर जाएं और शिकायतकर्ता से बात करें। उसकी संतुष्टि के बाद ही मामले का निस्तारण किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके पर एसपी अर्पित विजयवर्गीय, सीएमओ डॉ. अवधेश यादव, एसडीएम कार्तिकेय सिंह, बीएसए संतोष देव पांडेय, डीएसओ डॉ. राकेश तिवारी व डीडीओ भूषण कुमार आदि मौजूद रहे।
थक गए दौड़ते-दौड़ते, नहीं होती है सुनवाई
बड्डूपुर के शाहपुर निवासी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि दिव्यांग होने के बावजूद उन्हें पीएम आवास का लाभ नहीं दिया गया। इसके बदले में रुपये भी ले लिए गए लेकिन आवास आज तक नहीं मिला। खिंझना निवासी मोहित यादव ने डीएम को बताया कि खेत जाने वाले चकमार्ग पर गांव के ही एक व्यक्ति ने अवैध ढंग से कब्जा कर लिया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर डीएम ने एसडीएम को जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए। कस्बा हैदरगढ़ के हरिश्चंद्र ने एसडीएम को बताया कि बिजली का बिल लगातार अधिक आ रहा है। शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। बहुता के रामबरन ने बताया कि उन्होंने भूमि की पैमाइश के लिए कई प्रार्थना पत्र दिए लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी।