बाराबंकी। जिलाधिकारी के निर्देश पर खरीफ फसलों की बुवाई को देखते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों की कड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों की टीमों ने जिले की कुल 60 उर्वरक बिक्री केंद्रों पर छापे मारे। इस दौरान 15 नमूने लिए गए, दो विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं और 15 के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
नवाबगंज तहसील में उप कृषि निदेशक उमेश कुमार ने आठ दुकानों की जांच की और एक नमूना लिया। फतेहपुर तहसील में जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने 21 बिक्री केंद्रों पर जांच की। यहां सात नमूने ग्रहित किए गए। उन्हें मेसर्स वैष्णवी खाद भंडार इस्माइलपुर और यादव खाद भंडार रसूलपुर विशुनपुर के प्रतिष्ठान बंद पाए गए।
इनके उर्वरक विक्रय प्राधिकार-पत्र निरस्त कर दिए गए। इसके अतिरिक्त, फतेहपुर में 14 अन्य प्रतिष्ठान बंद मिलने पर इनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। हैदरगढ़ में जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार ने आठ दुकानों की जांच कर तीन नमूने लिए। सिरौलीगौसपुर में भूमि संरक्षण अधिकारी सौरभ कुमार ने छह और रामसनेहीघाट में विनोद कुमार यादव ने पांच दुकानों की जांच की। रामनगर में वरिष्ठ प्राविधिक सहायक देशराज ने 12 छापे डाले और चार नमूने लिए। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
समस्त फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अपने प्रतिष्ठान पर रेट और स्टॉक बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना होगा। पीओएस मशीन से किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक बेचें। बिक्री बिना किसी टैगिंग के फार्मर रजिस्ट्री और जोत के आधार पर होनी चाहिए। बिक्री पंजिका में पूरा विवरण दर्ज करना होगा। अधिक दर पर बिक्री, टैगिंग या रसीद न देने की शिकायत कंट्रोल रूम नंबर 9116295764 पर दर्ज करा सकते हैं।