मार्केटिंग स्टाफ की हड़ताल से जिले में सरकारी धान खरीद पिछड़ रही है। वहीं, धान खरीद नहीं होने से किसानों की हालत खराब है। घर-परिवार व खेती की जरूरतें पूरी करने के लिए किसान मजबूरी में औने-पौने दाम पर बिचौलियों को अपनी उपज बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
मालूम हो कि अंबेडकरनगर में छह क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों पर गैंगरेप का केस दर्ज होने से नाराज यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज संघ के आह्वान पर 26 दिसंबर से विभागीय अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इससे जिले में धान क्रय केेंद्रों पर खरीद ठप है। क्रय केंद्र पर जो किसान 25 दिसंबर तक ट्रॉलियां लेकर गए थे उसमें से कई तो अभी वहीं खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। जबकि तमाम किसानों ने धान बिचौलियों को औने-पौने दाम पर बेच दिया है। हड़ताल के कारण विभाग को रोजाना लगभग 500 एमटी धान की चपत लग रही है। इससे अब तक ढाई हजार मीट्रिक टन की खरीद बैकलॉग हो गई है। जिस खरीद केंद्र पर एसएमआई की तैनाती है वहां पर खरीद एकदम बंद है। वहीं, अन्य एजेंसियां भी खरीद में तेजी नहीं ला रही हैं। इसी का फायदा उठाते हुए मिलर्स व बिचौलिये मनमाने भाव में किसानों से धान खरीद रहे हैं। फतेहपुर, नवीन मंडी बाराबंकी, रामसनेहीघाट, सिरौलीगौसपुर, हैदरगढ़ में क्रय केंद्रों पर कई दिन से ट्रॉलियों की लाइन लगी है। मगर विपणन विभाग के एसएमआई हड़ताल पर हैं।