पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार ने जिला महिला चिकित्सालय से किया। इस दौरान जिले भर में बनाए गए बूथों से करीब डेढ़ लाख बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाई गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि अभिभावकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह बूथों पर अपने बच्चों को लाकर पोलियो की खुराक अवश्य पिलाई। पोलियो की खुराक पिलाकर बच्चे को अपाहिज होने से बचाया जा सकता है।
पल्स पोलियो अभियान की शुरूआत करने के बाद रविवार को महिला चिकित्सालय के वार्डों का निरीक्षण किया और यहां पर भर्ती मरीजों से उनका हाल जाना। इसके साथ ही महिला चिकित्सालय में बन रहे नवनिर्मित भवन के प्रगति की जानकारी ली।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश चन्द्रा ने सीडीओ को बताया कि जनपद की कुल जनसंख्या 34 लाख 42 हजार 167 में 5 वर्ष तक के बच्चों की कुल संख्या 5 लाख 51 हजार 992 है। इन बच्चों को पोलियो ड्राप से आच्छादित करने के लिए 1485 बूथ बनाये गये तथा इनके सर्वेक्षण/पर्यवेक्षण हेतु 307 पर्यवेक्षकों को लगाया गया है।
इसी प्रकार डोर-टू-डोर कवरेज के लिए 1108 टीम तथा 102 ट्रांजिट टीमों को लगाया गया है। इन टीमों के सर्वेक्षण/पर्यवेक्षण के लिए 346 पर्यवेक्षकों को लगाया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा हरख, जैदपुर के विभिन्न बूथों का निरीक्षण किया गया।
इस मौके पर सीएमएस डॉ. वाई. किशोर, डॉ. आरती मिश्रा, महेन्द्र सिंह, डॉ. वंदना सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेता सिंह, डॉ. आईपी वर्मा, डॉ. एससी धूसिया, डॉ. राजाराम, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. डीके श्रीवास्तव, डॉ. हर्षवर्धन पन्त, डॉ. एके वर्मा आदि मौजूद रहे।