बाराबंकी। जिलाधिकारी चौखट पर फरियाद लेकर पहुंची शिक्षिकाओं ने किया प्रदर्शन।
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बाराबंकी। विरोध-प्रदर्शन के बीच शनिवार को अंतरजनपदीय तबादले के बाद जिले में अपनी आमद दर्ज कराने वाले शिक्षकों को स्कूल का आवंटन कर दिया गया। हालांकि जिलेभर के स्कूलों की सूची जारी करने की डीएम की चौखट तक फरियाद लेकर पहुंची शिक्षिकाओं की वार्ता बेनतीजा रही। ऐसे में वहां से लौटे शिक्षक भी स्कूल आवंटन की प्रक्रिया में शामिल हुए।
अंतरजनपदीय तबादले से जिले में अपनी आमद दर्ज कराने वाले शिक्षकों की शुक्रवार को टाली गई ऑनलाइन विद्यालय आवंटन प्रक्रिया शनिवार को शिक्षकों की मेरिट सूची की खामियों को दूर करने के बाद शुरू हुई। मगर, यहां पहुंचे शिक्षक जिलेभर के स्कूलों को खोलने की सूची चस्पा करने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। पहले तो शासन के निर्देश पर एनआईसी द्वारा उपलब्ध कराई सूची के अनुरूप काउंसिलिंग कराने का तर्क देकर समझाया गया।
मगर, जब शिक्षक नहीं माने तो डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा ने विद्यालय आवंटन न कराने की बात लिखित में देने की बात कहकर आवंटन प्रक्रिया शुरू करा दी। इसके बाद विरोध-प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की संख्या कम पड़ गई। हालांकि कुछ शिक्षिकाएं अपनी मांगों को लेकर डीएम के कैंप कार्यालय पहुंच गईं।
जहां पहले पहुंचकर एसडीएम सदर अभय पाण्डेय ने उन्हें रोक कर उनकी समस्या सुनी और जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिस पर डीएम ने महानिदेशक स्कूली शिक्षा से बात की और वास्तविक स्थिति के संबंध में जानकारी ली। उसके बाद शिक्षकों को नियमानुसार विद्यालय आवंटन का भरोसा दिलाकर प्रक्रिया में सहयोग करने को कहा। इसके बाद शाम छह बजे तक प्राथमिक विद्यालय के सभी 232 शिक्षकों को विद्यालय का आवंटन कर दिया गया। तत्पश्चात उच्च प्राथमिक विद्यालय के 151 शिक्षकों को देर रात तक विद्यालय का आवंटन किया गया।
विद्यालय आवंटन को लेकर शिक्षक सभी स्कूलों की सूची चस्पा करने की मांग कर रहे थे। जबकि एकल व दो शिक्षक वाले स्कूलों में इनका पदस्थापन किया जाना था। शासन के निर्देश के क्रम में देर रात तक सभी शिक्षकों को विद्यालय का आवंटन कर दिया गया।
-राजेश कुमार वर्मा, डीआईओएस