बाराबंकी। राजधानी लखनऊ से सटे क्षेत्र में अंधाधुंध प्लाटिंग कर प्रापर्टी डीलरों ने ऐसा कारनामा कर दिखाया कि जांच करने वाले अधिकारी भी दंग रह गए। देवा इलाके में दो मामलों में एक में बेची गई जमीन आउटर रिंग रोड की निकली तो दूसरे मामले में आम रास्ता पाया गया। पीड़ितों की तहरीर पर एक कंपनी के निदेशक समेत आठ पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में जुटी है।
लखनऊ के विनयखंड गोमतीनगर निवासी अजमत अहमद खां ने मेसर्स पैराविनसल इंफ्रा साल्यूशन कंपनी के निदेशक बांदा जिला निवासी धीरेंद्र प्रताप दुबे से गोपालपुर गांव में एक जमीन खरीदी थी। अजमत के अनुसार उसने 18 लाख रुपये का भुगतान किया, लेकिन जमीन पर कब्जा नहीं मिला। इस पर उन्होंने लेखपाल से जमीन की जांच कराई तो पता चला कि जो जमीन बेची गई, वह आम व सरकारी रास्ता है। शिकायत मुख्यमंत्री से की गई तो डीएम ने जांच करवाई। जांच रिपोर्ट ने लेखपाल ने केस दर्ज करानेे की सलाह अजमत को दी। शुक्रवार को इस मामले में कंपनी के निदेशक धीरेंद्र प्रताप दुबे व जमीन खरीदवाने का माध्यम बनने वाले लखनऊ के महानगर निवासी विजय सेन, देवा के सरसौंदी गांव निवासी राजाराम व अनुज तिवारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
वहीं, लखनऊ के अलीगंज सेक्टर एन निवासी ज्योति निगम ने देवा के सैहारा गांव के पास कमरुद्दीन व जलालुद्दीन से प्लॉट रजिस्ट्री कराया था। कमरुद्दीन की मौत हो चुकी है। लेनदेन में अलीगंज के ही सिराज अहमद, सतीश शुक्ला ने मध्यस्थता की थी, लेकिन प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया गया। फरवरी 2021 में इसकी शिकायत अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार से हुई तो जांच के आदेश दिए गए।
अगस्त 2021 में डीएम ने नायब तहसीलदार देवा की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाकर जांच करवाई। कमेटी ने जांच रिपोर्ट में बताया कि जिस गाटा की बिक्री की गई है, वह जमीन से आउटर रिंग रोड निकला है। जमीन बेचने वालों ने भूमि का अधिग्रहण कराने के बाद मुआवजा भी ले लिया है। ज्योति निगम की तहरीर पर देवा कोतवाली में सिराज अहमद, जलालुद्दीन, सतीश शुक्ला व मृतक कमरुद्दीन के पुत्र आमिर के खिलाफ जालसाजी, धमकी देने आदि का केस दर्ज किया गया है। एसएचओ देवा पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरु कर दी गई है।
जमीन मिली न पैसा, कंपनी के निदेशक पर मुकदमा
बाराबंकी। अयोध्या जिले के रुदौली निवासी कमल कुमार ने सितंबर 2016 में रियल स्टेट कंपनी देव इंफ्रा डेवलपर्स से देवा के संदौली उमरापुर गांव में दो प्लॉट खरीदे थे। कमल कुमार ने एसपी दिनेश कुमार सिंह से शिकायत कर बताया कि काफी जद्दोजहद के बाद बाउंड्री से घिरे एक प्लॉट पर कब्जा दिया गया, मगर उसका मूल मालिक मौके पर पहुंचा और बाउंड्री गिराकर अपना कब्जा कर लिया। अब न जमीन मिल रही है और न ही पैसा। एसपी के निर्देश पर देव इंफ्रा डेवलपर्स के निदेशक देवेंद्र पाल पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर देवा पुलिस ने जांच शुरु की है।