सीएचसी फतेहपुर में बृहस्पतिवार की रात डॉक्टरों की लापरवाही और संवेदनहीनता उजागर हो गई। प्रसव पीड़िता सीएचसी में दर्द से कराहती रही और एएनएम ने हाथ लगाए बिना उसे महिला अस्पताल ले जाने का फरमान सुना दिया। परिवारीजन डॉक्टरों की तलाश करते रहे इसी बीच प्रसूता ने सीएचसी गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।
इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन नहीं पसीजा। इलाज तो दूर प्रसूता को ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक नहीं दिया। थक हारकर परेशान परिवारीजन जच्चा-बच्चा को गोदी में ले जाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। पीड़िता के पति प्रमोद कुमार ने स्टाफ नर्स व वहां तैनात चिकित्सकों की लापरवाही की डीएम से शिकायत करने को कहा है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गंगौला निवासी प्रमोद कुमार की पत्नी सुनीता देवी (35) को बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा हुई। प्रसूता के पति ने बाइक से उसे सीएचसी फतेहपुर पहुंचाया। प्रमोद का आरोप है कि उसकी पत्नी दर्द से अस्पताल के बाहर पड़ी बेंच पर तड़पती रही, लेकिन कोई भी उसकी सुध लेने नहीं पहुंचा।
कुछ देर बाद पीड़ित उसे लेकर लेवर रूम गया जहां मौजूद स्टाफ नर्स शबा कुरैशी ने प्रसूता को खून की कमी बताते हुए जिला महिला अस्पताल ले जाने की बात कहकर भगा दिया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि वहां पर इमरजेंसी में डॉ. अफसर खान, फार्मासिस्ट कृष्ण गोपाल गुप्ता, वार्ड वॉय प्रेम प्रकाश आदि मौजूद थे। लेकिन किसी ने उसे देखने की जहमत नहीं उठाई।
पीड़ित इसकी शिकायत करने सीएचसी प्रभारी डॉ. आरसी वर्मा से करने गया लेकिन वह नहीं मिले। अस्पताल स्टॉफ की संवेदनहीनता के चलते प्रसूता को उसे लेकर घर जा रहा था कि प्रसूता ने गेेट पर ही रात करीब 10:30 बजे बच्चे को जन्म दिया। पीड़ित ने स्टॉफ नर्स से भर्ती करने को कहा तो उसने साफ मना कर दिया। मजबूरी में प्रसूता को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस मामले में स्टॉफ नर्स से स्पष्टीकरण मांगा गया है उसके बाद कार्रवाई के लिए सीएमओ को रिपोर्ट भेजी जाएगी। -डॉ. आरसी वर्मा, सीएचसी प्रभारी फतेहपुर
सीएचसी फतेहपुर से प्रसूता को भगाने व गेट पर प्रसव होने की जानकारी नहीं है। इस संबंध में किसी प्रकार की शिकायत अभी नहीं मिली है। वहां तैनात स्टॉफ नर्स शबा कुरैशी के खिलाफ कई शिकायतें पहले भी आई हैं, उसके खिलाफ शासन को लिखकर पत्र भेजा गया है। अगर पीड़ित द्वारा कोई शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. डीआर सिंह, सीएमओ