नेशनल मेडिकल कमीशन बिल पास होने पर निजी चिकित्सकों ने मंगलवार को शहर में नर्सिंगहोम, अस्पताल बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। पूरे दिन निजी चिकित्सकों की हड़ताल से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देर शाम हड़ताल समाप्त कर चिकित्सक काम पर लौट गए।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले मंगलवार को निजी चिकित्सकों ने नेशनल मेडिकल कमीशन बिल का विरोध करते हुए नाका सतरिख पर प्रदर्शन किया। सुबह छह बजे से शाम के छह बजे तक निजी चिकित्सकों ने क्लीनिक, नर्सिंग होम बंद कर हड़ताल किया। इससे दूर दराज से आने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संघ के अध्यक्ष डॉ. विनय जैन ने कहा कि सरकार द्वारा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर नया नेशनल मेडिकल कमीशन बिल संसद में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसे मान्य नहीं किया जाएगा। कहा कि यह बिल प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की जुबान बोलेगा और सीटों के माध्यम से भ्रष्टाचार का नया रास्ता खुलेगा।
नए मेडिकल कॉलेज अपने हिसाब से सीटों की संख्या बढ़ा सकेंगे। वहीं 40 प्रतिशत सीटों की फीस सरकार व 60 प्रतिशत की फीस मैनेजमेंट तय करेगा। इससे चिकित्सा शिक्षा महंगी होगी, आम घरों के बच्चों को मौका नहीं मिल पाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि क्रॉस पेथी (दूसरी पेथी की दवाई लिखना) गैर वैज्ञानिक जिसे भारतीय पद्धति बोलकर(एलोपैथी छोड़कर) पद्धतियों का घालमेल करते हैं जो मरीजों के जीवन से खिलवाड़ है।
इतना ही नहीं बाहर से एमबीबीएस पढ़ा छात्र कोई भी बिना पंजीयन, बिना भारत की कोई परीक्षा पास किए भारत मे प्रैक्टिस कर सकेगा जिसका देश के चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले छात्रों पर असर पड़ेेगा। इस मौके पर डॉ मोहित सिंह, डॉ संजय लोंढे, डॉ सुमित शुक्ला, डॉ. आलोक वर्मा आदि मौजूद रहे।