बाराबंकी। माध्यमिक विद्यालयों की लापरवाही के चलते हजारों विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति पर संकट खड़ा हो गया है। कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों का मास्टर डाटा विद्यालय स्तर पर ही रोके जाने को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। समाज कल्याण विभाग से डाटा फॉरवर्ड न होने की सूची मिलने के बाद डिफाल्टर प्रधानाचार्यों से जवाब तलब किया जा रहा है।
राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन और संस्कृत विद्यालयों में बड़े पैमाने पर मास्टर डाटा अटका पड़ा होने से नाराज डीआईओएस ने सभी संबंधित विद्यालयों को तत्काल ऑनलाइन डाटा फॉरवर्ड कर उसकी हार्ड कॉपी कार्यालय में जमा कराने को निर्देशित किया है। इस कार्य को गति देने के लिए नोडल प्रधानाचार्यों को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। डीआईओएस अमिता सिंह ने बताया कि छात्रवृत्ति विद्यार्थियों का अधिकार है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। तय समय में डाटा फॉरवर्ड न करने वाले प्रधानाचार्यों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।