बाराबंकी। जिला अस्पताल में रोजाना नियमों के विपरीत हो रहे कामों का खुलासा हो रहा है। यहां पर बिना पद आठ निजी कर्मियों से काम लिया जा रहा था। जांच में खुलासा होने के बाद शनिवार को सीएमएस ने इन सबको बाहर का रास्ता दिखा दिया। ओपीडी में पर्चा बनाने का कार्य प्रभावित न हो इसके लिए अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लगाया गया है।
सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि जांच में पता चला कि करीब आठ से दस कर्मी ऐसे हैं जिनका कोई ब्योरा अस्पताल के रजिस्टर में दर्ज नही है। जब इन कर्मियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि तत्कालीन सीएमएस डॉ. ब्रजेश कुमार ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत यह कहकर रखा था कि उससे मिलने वाले लाभांश से सबको भुगतान किया जाएगा। लेकिन पिछले छह माह से इस मद में कोई पैसा नहीं आया तो कर्मियों ने सीएमएस से मानदेय दिलाने की मांग। जिस पर कराई जांच में खुलासा हुआ कि इन कर्मियों को किसी योजना के तहत नहीं रखा गया है। सीएमएस ने बताया कि जिस पर सभी कर्मियों को काम करने से मना कर दिया गया। लाभांश का पैसा आते ही इनके खाते में भेज दिया जाएगा। पर्चा काउंटर पर अस्पताल के कर्मियों को लगाया गया है।
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निजी कर्मियों के प्रवेश पर रोक
सीएमएस ने बताया कि निजी कर्मियों के चिकित्सकों के कक्ष, ट्रामा सेंटर, ओपीडी और वार्डों में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। कहा कि अनावश्यक तरीके से यदि कोई भी व्यक्ति कार्यालय या परिसर में मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।