बाराबंकी। हैदरगढ़ और फतेहपुर में बुधवार की तेज आंधी और बारिश ने पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को बेपटरी कर दिया। दूसरे दिन भी बिजली लाइनें दुरुस्त नहीं हो सकी। इससे करीब 150 गांव और तीन लाख से अधिक लोगों को 24 घंटे बाद भी बिजली नहीं मिल सकी।
बड्डूपुर क्षेत्र की 70 हजार आबादी 16 घंटे तक पंखा, कूलर और रोशनी के बिना रात गुजारने को मजबूर हुए। पेड़ गिरने से टूटे तार व क्षतिग्रस्त खंभों को दुरुस्त करने में पावर काॅर्पोरेशन की टीम ने घंटों लगा दिया। इससे आमजन को परेशानी झेलनी पड़ी।
हैदरगढ़ क्षेत्र में बुधवार शाम हुई तेज आंधी और बारिश से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससेे करीब ढाई लाख आबादी को रात बिन बिजली गुजारनी पड़ी। टाउन उपकेंद्र से 10 घंटे बाद, रात एक बजे कस्बा हैदरगढ़ में बिजली आ जाने से कुछ राहत मिली।
बाबुआपुर के पास आम का पेड़ गिरने से 33 हजार केवी लाइन क्षतिग्रस्त हुई, जिसे कर्मियों ने रात में दुरुस्त किया। लेकिन उपकेंद्र से निकलने वाली पांच फीडर की 11 हजार केवीए लाइन कई जगह टूटने से बिजली पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी।
बृहस्पतिवार शाम तक बहुता, लाही, रौली, सहावर, पोखरा, चौबीसी, त्रिवेदीगंज, बड़वल, मंझार, मर्दापुर, रघुनाथगंज, राबड़हिया, दयालगंज, पालपुर, भिखरा, खरसतिया समेत करीब 150 गांवों में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। अधिशासी अभियंता रमेश कुमार ने बताया कि सभी फीडरों को आंशिक रूप से चालू किया गया है और पेट्रोलिंग के जरिए लाइनें दुरुस्त की जा रही हैं।
फतेहपुर के बड्डूपुर क्षेत्र में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे इंसुलेटर पर बिजली गिरने से संगम चौराहे के पास बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अचानक बिजली आपूर्ति बंद होने से करीब 70 हजार आबादी को रात बिन बिजली गुजारनी पड़ी। अधिकांश घरों के इनवर्टर भी काम नहीं कर रहे थे। पंखे और कूलर बंद होने से गर्मी और उमस में लोग घरों के अंदर नहीं रह सके और रात भर छतों व सड़कों पर टहलते रहे। लखनऊ से फाल्ट लोकेटर मंगाया गया। करीब 16 बाद बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी।