बाराबंकी। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई है। शहर में अघोषित कटौती और ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं तो कई गांवों में हफ्तों से आपूर्ति ठप है। बेलहरा क्षेत्र के 25 गांवों में 14 दिन से बिजली नहीं आई है। वहीं सरसवा में 10 दिन से ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है।
बेलहरा क्षेत्र में 14 दिन पहले आंधी-बारिश में पोल टूट गए थे। इससे रंजीतपुर, छेदा, सोनहरा, पारा, लखनापुर, तिवारीपुर, लोहारपुर, पंडितपुरवा और केसराई समेत 25 गांवों की बिजली गुल है।
ग्रामीण राजेंद्र वर्मा, रामू गुप्ता, करुणाशंकर, रंगनाथ त्रिपाठी और महेश मिश्रा ने बताया कि गर्मी और उमस में पंखे-कूलर बंद हैं। एसडीओ अमर जीत वर्मा ने बताया कि पोल बदलने का काम चल रहा है। सोमवार तक आपूर्ति बहाल करने का प्रयास है।
सूरतगंज के विझला गांव में एचटी लाइन पर बबूल का पेड़ गिरा है। ग्रामीणों के मुताबिक शिकायत के बावजूद लाइन दुरुस्त नहीं की गई।
रामनगर क्षेत्र के सूरतगंज सब स्टेशन के सरसवा गांव में 12 केवीए का ट्रांसफार्मर 10 दिन पहले तेज धमाके के साथ फुंक गया था। शिकायत के बाद भी इसे नहीं बदला गया। जलभराव के बीच अंधेरा होने से ग्रामीणों को सांप-कीड़ों का डर सता रहा है। अधिशासी अभियंता अभिजीत कुमार साह ने जल्द नया ट्रांसफार्मर लगवाने की बात कही।
रामसनेहीघाट के कोटवाधाम उपकेंद्र के सरांय सुरजन और बीबियापुर गांवों में भी 10 दिन से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई है। एसडीओ राजवीर सिंह ने बताया कि खेतों में पानी भरा होने से टूटे पोल बदलने में विलंब हो रहा है।