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Barabanki News: 63 करोड़ के खर्च से बना पॉवर हाउस फिर भी राहत नहीं

Tue, 13 May 2025 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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सिरौली गौसपुर (बाराबंकी)। करीब 63 करोड़ की लागत से मरकामऊ गांव में बनाया गया 132 केवीए का पॉवर हाउस भी उपभोक्ताओं को बिजली संकट से छुटकारा नहीं दिला पा रहा है। भारी भरकम खर्च से बने इस पॉवर हाउस के बाद भी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज, ओवरलोडिंग, फाल्ट और घोषित-अघोषित विद्युत कटौती की समस्याओं से आए दिन जूझना पड़ रहा है।
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रामनगर विद्युत वितरण केंद्र को अब तक चंदौली पॉवर हाउस से बिजली आपूर्ति की जाती थी। लंबी दूरी के कारण बार-बार फाल्ट की समस्या उत्पन्न होती थी। मरकामऊ पॉवर हाउस के निर्माण के बाद उम्मीद थी कि रामनगर और सिरौली गौसपुर उपकेंद्र को यहीं से बिजली सप्लाई मिलने के कारण वितरण में सुधार होगा। इसके बावजूद जमीनी तौर पर उपभोक्ताओं को इससे कोई राहत नहीं मिल पा रही है।
गर्मी में बिजली की मांग बढ़ जाने के कारण उपभोक्ताओं को आए दिन होने वाली ब्रेकडाउन की समस्या भी झेलना पड़ रही है। तेज हवाओं के चलते सप्लाई लाइन में फाल्ट आने से कभी-कभी तो 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता दिलीप यादव ने बताया कि ऊपर से ही लो वोल्टेज आ रहा है। वोल्टेज को स्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है।
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मरकामऊ के जीशान ने बताया कि बड़े पॉवर हाउस का निर्माण देख कर उम्मीद जगी थी कि अब गर्मियों में बिजली की आवाजाही से छुटकारा मिलेगा। मगर लो वोल्टेज की समस्या जस की तस कायम बनी है।
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पूरनिया गांव के छोट्टना ने बताया, गांव में बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। हां, इतना जरूर है कि दिन ढलते ही पॉवर हाउस से मिलने वाली बिजली गांव में कुछ घंटे के लिए उजाला फैला देती है।
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दीपक मौर्य ने बताया कि चार एकड़ में बने इस पॉवर हाउस के बनने के बाद भी बिजली संकट की परेशानी दूर नहीं हुई है। कई बार तो फाल्ट ढूंढने में पूरी रात बीत जाती है, ऐसे में 24 से 36 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ता है। वोल्टेज कम होने के कारण पानी की मोटर तक नहीं चल पाती है।
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