देवा (बाराबंकी)। आलू के रिकॉर्ड उत्पादन के बाद गिरती कीमतें किसानों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। प्रदेश सरकार ने तीन देशों में आलू निर्यात किए जाने की घोषणा की तो क्षेत्र के किसानों को भी दाम बढ़ने के आसार नजर आने लगे हैं। वहीं नेपाल से आलू की डिमांड आना शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आलू की मांग बढ़ेगी तो दाम भी बढ़ेंगे। इससे आलू किसानों का संकट दूर होगा इसके अच्छे आसार दिखाई देने लगे हैं।
देवा क्षेत्र से पाकिस्तान, नेपाल देशों के अलावा पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, बिहार आदि प्रांतों में आलू भेजा जाता रहा है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से सिर्फ नेपाल ही आलू भेजा जा रहा है। फिलहाल किसान अपना आलू चार सौ रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बेचने को मजबूर हैं।
प्रदेश सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), मलेशिया व नेपाल आलू भेजना शुरू कर दिया है। नेपाल की भैरवा, विराटनगर, नारायण घाट, वीरगंज, लहान, काठमांडू, झुमका आदि प्रमुख मंडियों से आलू की डिमांड आनी शुरू हुई है।
काफी कम आ रही डिमांड
नेपाल की प्रमुख मंडियों में डिमांड के आधार पर थोड़ा बहुत आलू भेजा जा रहा है। विदेशों में आलू का निर्यात बढ़ा तो किसानों की समस्या दूर हो सकती है।
- हारून वारसी, आलू व्यापारी
पश्चिम बंगाल में सस्ता पड़ रहा आलू
इस समय कम मात्रा में आलू विदेश जाने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। नेपाल में पश्चिम बंगाल से अधिक आलू भेजा जा रहा है, जो यहां से सस्ता है।
- मो. शरीफ, आलू व्यापारी
नहीं है एक्सपोर्ट लाइसेंस
जिले में किसी भी आलू व्यवसायी के पास एक्सपोर्ट लाइसेंस नहीं है। इसलिए नेपाल को छोड़कर बाकी अन्य देशों आलू भेजने की व्यवस्था नहीं है।
- राशिद राईन, आलू व्यापारी
निर्यात किया जाए आलू
संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया व नेपाल को फर्रुखाबाद से आलू की पहली खेप भेजे जाने के बाद आशा की किरण नजर आ रही है।
- दीपक सिंह, आलू व्यापारी