बाराबंकी के सुढ़ियामऊ क्षेत्र में लहलहाती धान की फसल।
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नामचीन कम्पनियों के हाइब्रीड धान के बीज का अधिक उत्पादन का दावा कर हजारों किसानों को जो बीज दिया गया, जांच में वह पूरी तरह से मानकों पर विपरीत पाया गया। घटिया बीज से किसानों की सैकड़ो बीघे धान की उपज पर खतरा मंडराने लगा है।
कृषि विभाग के अनुसंधान केंद्र ने जांच के बाद जिला कृषि अधिकारी को जो रिपोर्ट भेजी है उसमें चार नमूने फेल बताए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद चार विक्रेताओं को नोटिस भेजा गया है। बिक्री रोक कर इनके लाइसेंस रद करने की कार्रवाई शुरू की गई है।
जिले में नकली बीज बेचने की शिकायत पर डीएम ने आठ टीमें गठित की थी। पूरे जिले में धान बीज के 100 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। डीडी रिसर्च के यहां हुई नमूनों की जांच में चार नमूने फेल हो गए। जिसकी रिपोर्ट भी रिसर्च सेंटर से जिला कृषि अधिकारी को भेज दी गई।
जांच रिपोर्ट आने के बाद मिलान किया गया तो फेल नमूने भाईजी बीज भंडार सफदरगंज, वर्मा सीड्स स्टोर फतेहपुर, वर्मा बीज कम्पनी दशहराबाग व पटेल सेवा केंद्र बरेठी के पाए जाने की पुष्टि हुई। उसके बाद कृषि अधिकारी ने दुकानदारों को नोटिस जारी कर दुकानों का लाइसेंस निलम्बित कर दिया।
दुकानों से लिए गए धान बीज के 100 नमूने जांच के लिए पल्हरी स्थित कृषि विभाग के रिसर्च सेंटर भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में 4 नमूने फेल हुए हैं। जो नमूने फेल हुए हैं उनमें जेके कम्पनी की वैरायटी 401 व 282, बायर कम्पनी का 6444 प्लेन व धनलक्ष्मी कम्पनी की वैरायटी 108 हैं। जिन दुकानों के नमूने फेल हुए हैं। उनकी दुकानें निलम्बित कर नोटिस भेजा गया है। जिसका जवाब मिलने के बाद उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। फिलहाल बीज की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। - संजीव कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बाराबंकी