कृषिधन कंपनी की ओर से जिले में सरसों का घटिया बीज सप्लाई करने से सैकड़ों किसानों की करीब 200 बीघा से सरसों की फसल चौपट हो गई। कुछ किसानों की फसल उगने के बाद सूख गई तो कुछ ही किसानों की फसल उगने के बाद बढ़ी ही नहीं। किसानों ने फसल बर्बाद होने पर मुआवजा दिलाए जाने की मांग कंपनी के रिटेलर से की तो उसने शिकायत सुुनने से ही मना कर दिया। बर्बाद किसानों ने डीएम को पत्र भेजकर संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जिले के कृषि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से निजी बीज कंपनियां जिले में घटिया और नकली बीज की सप्लाई धड़ल्ले से कर रही हैं। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले साल सिंजेंटा कंपनी के टमाटर के नकली बीज से किसानों का लाखों का नुकसान हो गया था। किसानों के हंगामे और आंदोलन के बाद इस कंपनी पर प्रतिबंध भी लगाया था। लेकिन उसके बाद भी इस कंपनी के बीज जिले में घड़ल्ले से बिक रहे हैं। ताजा मामला सरसों के नकली और घटिया बीज का है।
विकास खंड सिद्धौर के सोहावां, न्यामतपुर, मुबारकपुर, सैदहा, गुलरिहा, सादुल्लापुर समेत दो दर्जन से अधिक गांव के किसानों ने रबी के सीजन में कृषिधन कंपनी की बंगाल सोना प्रजाति के सरसों बीज की बोआई की थी।
लेकिन बीज घटिया होने के कारण बोआई के बाद फसल तो उगी लेकिन वह एकाएक खेत में सूखने लगी। जिन किसानों की फसल नहीं सूखी तो उनकी फसल की न तो वृद्धि हुई और न ही उसमें फूल आए। जिससे क्षेत्र के करीब 200 बीघा सरसों की फसल बर्बाद हो गई।
हुमराव, संतबक्श, अमर सिंह, रामदेव, विनोद कुमार दिनेश कुमार, लल्लू यादव, भवानी प्रसाद यादव ने कंपनी के एजेंट संतोष कुमार से फसल बर्बाद होने की बात कही। साथ ही किसानों ने एजेंट से बर्बाद फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की तो एजेंट ने मना कर दिया। आक्र्रोशित किसानों ने डीएम को पत्र देकर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
इन किसानों ने दोबारा की सरसों की बुआई
क्षेत्र के कुतुबापुर, सैदनपुर भानमऊ, कुत्तुपुर आदि गांवों के किसानों ने सरसों की फसल को सूखते देख खेत की जुताई करने के बाद दूसरी कंपनी के अगेती प्रजाति की सरसों की बोआई भी कर डाली। किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष क्षेत्र में टमाटर के घटिया बीज से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। इसकी शिकायत जिला कृषि अधिकारी से की गई लेकिन मामले में लीपा पोती कर किसानों को ही गलत ठहरा दिया गया। जिले में कंपनी के बीज पर बिक्री का प्रतिबंध लगाकर कार्रवाई पूरी की गई।
नहीं मिली शिकायत
अभी मुझे शिकायत नहीं मिली है। अगर जिले में नकली और घटिया बीज बिक रहा है तो कृषि विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। किसानों की फसल अगर चौपट हुई है तो सर्वे कराया जाएगा।
-अजय यादव, जिलाधिकारी।