बाराबंकी। जिला पंचायत अध्यक्ष के जीत की इबारत शनिवार की सुबह गन्ना कार्यालय परिसर में ही लिख गई थी। सांसद के साथ पहुंचे 46 सदस्यों को एक साथ देख हर किसी के मुंह से यही निकल रहा था कि भाजपा की जीत निश्चित है और नतीजा आया तो परिसर में मौजूद भाजपाई खुशी से उछल पड़े। इसी बीच जीत का प्रमाण पत्र लेकर पहुंची भाजपा की राजरानी रावत ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अभिवादन स्वीकार करते हुए कहा कि ये अकेले हमारी नहीं बल्कि आप सभी की जीत है। विधानसभा चुनावों तक इसे ऐसे ही बनाए रखना है।
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की घोषणा के साथ ही भाजपाई पूरी तरह से लामबंद हो गए थे और जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने के प्रयास तेज हो गए थे। चुनाव नजदीक आते-आते 48 सदस्य भाजपा के खेमे आ चुके थे लेकिन 44 सदस्य भाजपा के साथ खुलकर आ गए थे जबकि चार अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा के साथ थे। वोटिंग के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसका जिम्मा कई बार जिला पंचायत सदस्य रहे डॉ. अवधेश वर्मा और गुलाब सिंह रावत को सौंपा गया।
दोनों नेताओं ने सदस्यों को शहर स्थित एक गेस्ट हाउस में कई चरणों में प्रशिक्षण देते हुए बताया कि उन्हें किस प्रकार से अपने मताधिकार का प्रयोग करना है। भाजपा की यह रणनीति पूरी तरह से कारगर साबित रही और यही कारण रहा कि उसका एक भी मत अवैध नहीं हुआ। सांसद उपेन्द्र सिंह रावत के साथ गन्ना कार्यालय पहुंचे सभी सदस्यों को एक बार फिर से बताया कि गया कि उन्हें किस प्रकार से अपना वोट डालना है। यहीं से भाजपा के जीत की इबारत लिख गई थी और दोपहर बाद जब नतीजा आया तो भाजपाई खुशी से उछल पड़े।
हवा हवाई हुआ सपा का जीत का दावा
जिला पंचायत सदस्य के जब नतीजे आए थे सपाइयों ने दावा किया था कि चुनाव में उसके 24 सदस्यों ने जीत दर्ज की है। जबकि हकीकत में पार्टी समर्थित महज 11 सदस्य ही चुनाव जीते थे। पार्टी अपने इन 11 सदस्यों को भी एकजुट नहीं रख पाई और उसकी उम्मीदवार को महज आठ वोट से ही संतोष करना पड़ा। इससे साफ होता है कि सपा द्वारा अपनी जीत का जो दावा किया जा रहा था वह सिर्फ हवा हवाई ही था।