बाराबंकी। 22 जनवरी को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर देशभर से गणमान्य व्यक्तियों व रामभक्तों का आगमन होगा। अधिकतर लोग यात्रा बाराबंकी जिले से होकर करेंगे। ऐसे में बाराबंकी पुलिस लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले पुलिसकर्मियों को तो तैनात करेगी ही साथ ही हर भाषा का तुरंत अनुवाद करने के लिए गूगल अनुवादक का सहारा लिया जाएगा। सात पीआरवी कर्मियों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया है।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 22 जनवरी को लिए प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में करीब सात हजार विशिष्ट व अतिविशिष्ट लोगों को आमंत्रित किया है। हजारों सुरक्षाकर्मी व साधू संत कार्यक्रम को लेकर 21 जनवरी से ही अयोध्या पहुंचने लगेंगे। अधिकतर लोग लखनऊ-बाराबंकी हाईवे से ही गुजरेंगे। इनमें अंग्रेजी के साथ गुजराती, कन्नड़, कोंकणी, मलयालम, मराठी, उड़िया, सिंधी, तामिल, तेलुगू बोलने वाले लोग शामिल रहेंगे। लोगों को रास्ते मेंं कोई परेशानी न हाे इसके लिए अंग्रेजी का ज्ञान रखने वाले तेज-तर्रार पुलिसकर्मी हर आधा या एक किमी. पर तैनात रहेंगे। मोहम्मदपुर पुलिस चौकी, असेनी, चौपुला, सफदरगंज, अहमदपुर, रामसनेहीघाट के पास करीब सात पीआरवी वाहनों मेें मौजूद पुलिसकर्मी भी अनुवाद के लिए तैनात किए जाएंगे।
ब्लू प्रिंट तैयार, मैप में दिखेंगे वैकल्पिक मार्ग
21 व 22 जनवरी को अयोध्या के लिए यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा। पुलिस 14 जनवरी से बड़े वाहनों को अयोध्या जाने से रोकना शुरू करे देगी। हाईवे से जुड़ीं दो दर्जन सड़कों पर बैरियर रहेंगे। राजधानी से रामनगरी अयोध्या तक पहुंचने के लिए पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। लखनऊ-अयोध्या हाईवे के अलावा एयरपोर्ट से आने वाले रामभक्त सुल्तानपुर रोड व पूर्वांचल एक्सप्रेस से होते हुए सीधे अयोध्या जा सकेंगे। अहिमामऊ से उतरकर सुल्तानपुर रोड होते हुए किसान पथ से इंदिरा नहर होते हुए बाराबंकी तक पहुंचने का मार्ग तैयार किया गया है।
14 जनवरी से होगा रूट डायवर्जन
14 जनवरी से ही अयोध्या जाने वाले बड़े वाहनों को रोकने की तैयारी है। इसे लेकर अयोध्या व लखनऊ प्रशासन से बात करके उनके बताए अनुसार ही डायवर्जन रूट तैयार किया जाएगा जाएगा। हाईवे के किनारे के सभी ढाबों, रेस्टोंरेंट पर पेयजल व शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
- दिनेश कुमार सिंह, एसपी