बाराबंकी। पुलिसकर्मी की लापरवाही से हुए हादसे में घायल युवक पर ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। पीड़ित के परिजनों ने दौड़ भाग कर आरोपी सिपाही के खिलाफ मामला दर्ज करवाया तो पुलिस ने अगले ही दिन फाइनल रिपोर्ट लगाकर इसे रफा-दफा कर दिया। अब पीड़ित परिवार न्याय पाने के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाने की तैयारी में जुटा है।
शहर के सत्यप्रेमी नगर मोहल्ले के युवक रोहित तिवारी 10 अप्रैल को अपने गांव लालपुर से बाराबंकी लौट रहे थे। लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर सफदरगंज चौराहे से करीब 300 मीटर दूर वह सड़क किनारे खड़े थे। तभी बदोसराय थाने में तैनात सिपाही अजय कुमार ने तेज रफ्तार बाइक से आकर उन्हें टक्कर मार दी। घायल रोहित को पहले सीएचसी जैदपुर ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों ने हादसे की सूचना सफदरगंज पुलिस को दी थी।
इलाज में जुटे परिवार ने 16 अप्रैल को आईजीआरएस के जरिए शिकायती प्रार्थनापत्र दिया और 17 अप्रैल को घायल के भाई ने एसपी से मिलकर एक प्रार्थना पत्र भी दिया। मगर पुलिस ने पूरा मामला ही पलट दिया। 17 अप्रैल को पुलिस ने उल्टे घायल रोहित पर ही अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर दिया। इससे पीड़ित का परिवार सकते में आ गया। दबाव के बाद 18 अप्रैल को घायल रोहित के भाई मनोज तिवारी द्वारा 17 अप्रैल को दी गयी तहरीर के आधार पर आरोपी सिपाही अजय कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर 19 अप्रैल को पूरे मामले में फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी गई। सीओ सिटी सुमित कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।