बाराबंकी। फर्जी मार्कशीट व प्रमाण पत्रों के सहारे सरकारी विद्यालयों में नौकरी पाने वाले सात शिक्षक-शिक्षिकाओं पर केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। डीआईओएस के निर्देश पर संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य की तहरीर पर चार आरोपी शिक्षकों पर बुधवार देर रात व तीन पर बृहस्पतिवार को केस दर्ज किया गया। पुलिस फर्जी अंक व प्रमाण पत्र तैयार करने वालों का पता लगाने में भी जुटी है।
पुलिस के अनुसार राजकीय हाईस्कूल मित्तई में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत सलोनी अरोड़ा पर दर्ज केस में लगी जांच रिपोर्ट में, सलोनी का पहली सूची में गुणांक 72.35 था, जबकि काउंसलिंग के बाद चयन सूची में यह गुणांक 75.35 हो गया। यह अंतर स्पष्ट रूप से अंकों में हेरफेर करने का ही प्रमाण था। देवा के कोतवाल अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पता लगाया जा रहा है कि असली प्रतीत होने वाले यह शैक्षिक दस्तावेज किस प्रिंटिंग प्रेस या गिरोह के जरिए तैयार कराए गए।
वहीं, राजकीय हाईस्कूल दनापुर क्यामपुर में सहायक अध्यापिका प्रियंका की तैनाती को लेकर प्रधानाध्यपिका अंजना देवी ने बताया कि प्रियंका ने पूर्व मध्यमा परीक्षा वर्ष 2006 के शैक्षिक अभिलेखों में फेरबदल कर अनियमित व फर्जी कूट रचना के सहारे अपना चयन कराया था।