बाराबंकी। खेती के लिए खाद मांगने पर किसानों को पुलिस की लाठियां खाना पड़ रही हैं। प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद जिले में खाद की किल्लत दूर नहीं हो पा रही है। खाद के लिए किसानों की कतार सहकारी समितियों के साथ ही निजी दुकानों के बाहर कम होने का नाम नहीं ले रही। समितियों पर यूरिया पहुंचने की सूचना के बाद जुटने वाली किसानों की भीड़ कई जगह कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करने लगी है।
बुधवार को साधन सहकारी समिति किंतूर में यूरिया आने की सूचना पर सुबह से जुड़े सैकड़ों किसानों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां फटकारना पड़ी। इससे समिति के बाद भगदड़ सी मच गई। इस कारण परेशान किसानों को हताश निराश होकर बिना खाद के ही वापस लौटना पड़ा। सुबह से ही समिति पर जुटी किसानों की भारी भीड़ को देख कर सचिव ने इसकी सूचना तहसीलदार बालेंदु भूषण को दी। वह कोतवाली बदोसराय पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे।
टोकन बांटने के लिए पहले किसानों की खतौनी जमा कराई गई। लेखपाल महेंद्र जायसवाल टोकन बांट रहे थे, तभी एक किसान ने उन पर नीचे की खतौनी ऊपर करके टोकन देने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान एक पुलिसकर्मी ने कतार में लगे किसानों को गालियां देते हुए लाठी चला दी। इससे वहां भगदड़ की स्थिति बन गई। आरोप है कि पुलिस द्वार लाठी चलाने का वीडियो बना रहे लोगों से भी पुलिस कर्मियों ने अभद्रता की। हंगामा होता देख काफी किसानों को बिना खाद लिए ही लौटना पड़ा। महिला किसानों की संख्या भी भीड़ में काफी थी। एडीओ को-ऑपरेटिव आशीष वर्मा ने बताया कि एक-एक बोरी यूरिया का वितरण शाम पांच बजे तक 300 किसानों में किया गया।
धक्के खाने के बाद लौटे निराश
बदोसराय के शमशेर ने बताया कि साढ़े तीन बीघा धान की फसल में छिड़काव के लिए कम से कम चार बोरी यूरिया की जरूरत है। लेकिन दिन भर लाइन में धक्के खाने के बाद चार बजे खाली हाथ लौटना पड़ा। इसी तरह नवमीलाल, रोहित राम, पवन कुमार, राजेंद्र प्रसाद, कमलेश, रविकांत, सुंदरलाल भी मायूस होकर लौटे। मरकामऊ के किसान रामतीर्थ ने बताया कि तीन बोरी यूरिया की जरूरत है। शाम तक लाइन में लगने के बाद एक बोरी मिली है। बृहस्पतिवार को फिर किसी समिति के सामने लाइन में लगना पड़ेगा।
52 स्थानों पर पहुंची यूरिया
जिला कृषि अधिकारी राजितराम ने बताया कि 76 स्थानों पर यूरिया भेजने का आदेश दिया गया। इनमें से 52 स्थानों पर बुधवार को यूरिया पहुंच गई। जिसका वितरण कराया गया। डीएम शशांक त्रिपाठी के निर्देशानुसार अब जिन समितियों व अन्य स्थानों पर खाद भेजी जाएगी उसकी जानकारी क्षेत्र के लेखपाल, एडीओ कोआपरेटिव को दी जाएगी। दावा किया कि जिले में यूरिया व खाद की कोई किल्लत नहीं है। किसानों से अपील की कि वह उपयोग के हिसाब से ही खाद ले, उसका भंडारण न करें।