बाराबंकी जिले की शांति व्यवस्था को 59 हजार लोगों से खतरा बना हुआ है। बीते नौ माह में जिले में 59 हजार लोगों पर शांतिभंग करने की धाराओं में कार्रवाई हुई है। पुलिस की इस कार्रवाई में तीन हजार को उपजिलाधिकारी की अदालत से जेल भेजा गया। बाकी अन्य को निजी मुचलके पर यह कहकर रिहा किया गया कि वह छह माह तक उपस्थित दर्ज कराकर अपनी गतिविधियों से अवगत कराते रहे।
पुलिस की इस कार्रवाई से भले ही जिले की कानून व्यवस्था कायम रहे, पर इसकी आड़ में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम देने वाले इस कार्रवाई के नाम पर बच जाते हैं। वहीं कुछ निर्दोष भी पुलिसिया कार्रवाई के जाल में फंस जाते है। खासकर पर्व हो या चुनाव ऐसे मौकों पर यह कार्रवाई एक बड़े हथियार के रूप में प्रयोग की जाती है। पर्व त्योहार हो या चुनाव, मामूली विवाद हो या फिर कोई अन्य घटना पुलिस अपना दामन बचाने के लिए शांतिभंग की कार्रवाई कर देती है। जनवरी 2022 से अब तक जिले के 22 थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अभियान चलाया।
अभियान के तहत सबसे अधिक मसौली पुलिस ने 5381, देवा पुलिस ने 5111, नगर कोतवाली पुलिस ने 1857, जहांगीराबाद पुलिस ने 1419, रामनगर ने 3141, बदोसराय ने 2095, फतेहपुर ने 3891, मोहम्मदपुरखाला पुलिस ने 3880, बड्डूपुर पुलिस ने 2219, घुंघटेर ने 2079, कुर्सी में 2537, सफदरगंज पुलिस ने 3818, सतरिख ने 2484, जैदपुर पुलिस ने 1577, हैदरगढ़ ने 3664, लोनीकटरा ने 2045, कोठी ने 4025, सुबेहा में 2017, रामसनेहीघाट पुलिस ने 3651, दरियाबाद पुलिस ने 3896, टिकैतनगर ने 1327 और असंद्रा पुलिस ने 2881 लोगों पर शांतिभंग की धारा 151 व 107/16 के तहत कार्रवाई की।
चालान के बाद जमानत कराने पहुंचे चिह्नित किए गए लोगों में अलग-अलग एसडीएम की अदालत से करीब तीन हजार को जेल भी भेजा गया। बाकी अन्य को निजी मुचलके पर जमानत देकर पाबंद किया गया। एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि जिले में बीते नौ माह में करीब 59 हजार से अधिक लोगों का शांतिभंग की कार्रवाई कर पाबंद कराया जा चुका छोटे-छोटे विवाद बड़ा रूप न लें। ऐसे में इसमें शामिल लोगों पर कार्रवाई की जाती है।
जिले के महिला थाने की कार्रवाई को सही माना जाए या यहां पर आने वाले लोगों से पुलिस को शायद शांतिभंग की आशंका नहीं है। यही कारण है कि नौ माह के इस अभियान में यहां पर शांतिभंग की एक भी कार्रवाई नहीं हुई है।