जैदपुर। टेरा गांव के पास छह मई को नाले के किनारे बलछत गांव निवासी मो. आलम (34) का शव पाया गया था। इस मौत को पहले सड़क हादसा मान लिया गया था मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई है। सिर और गले पर भारी वस्तु से किए गए वारों से आलम की मौत हुई थी।
खास बात यह है कि आलम पुलिस का मुखबिर था और कई अपराधियों व तस्करों को पकड़वाने में मदद कर चुका था। ऐसे में हत्या के पीछे रंजिश और बदले की आशंका भी जताई जा रही है।
परिजनों के अनुसार बलछत गांव निवासी मो. आलम छह मई की शाम घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। रात करीब 11 बजे टेरा गांव के पास सड़क किनारे नाले के पास उनका शव पड़ा मिला। पास में बाइक भी पड़ी थी। पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे सड़क दुर्घटना मान लिया, लेकिन परिजनों को शुरुआत से ही साजिश की बू आ रही थी। आलम के सिर पर गहरी चोटें थीं और शरीर पर घसीटे जाने जैसे निशान मिले थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस भी चौंक गई। रिपोर्ट में साफ हुआ कि सिर और गले पर किसी भारी वस्तु से दो तीन वार किए गए। चोटें इतनी गंभीर थीं कि मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने परिवार से दोबारा पूछताछ की तो मृतक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि गांव के शाकिर और तुरकानी गांव निवासी अफजल घर से आलम को ले गए थे। इसी जानकारी के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक हत्या की असली वजह सामने नहीं आई है। जैदपुर के एसएचओ संतोष कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। मृतक शराब पीने का आदी भी था, इसलिए उसके संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
कई बिंदुओं पर हो रही जांच
जैदपुर के बलछत निवासी आलम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई है। पत्नी ने दो लोगों पर शंका प्रकट की है। पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
- अर्पित विजयवर्गीय, एसपी