बाराबंकी। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत जिले में निर्माण कार्य अटक गए हैं। 14 हजार से अधिक लाभार्थियों की किस्तें रुकने से आवास निर्माण के काम थम गए हैं। किसी को दूसरी तो किसी को तीसरी किस्त मिलने का इंतजार है। ऐसे में होली से पहले लाभार्थियों का आशियाना पूरा होने की खुशी पूरी होते नहीं दिख रही है।
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना से वंचित पात्रों को इसका लाभ देने के निर्देश दिए थे। ब्लॉकवार सर्वे के बाद करीब 84 हजार पात्रों की सूची पोर्टल पर अपलोड की गई थी। इसमें से 14 हजार से अधिक आवासों को लक्ष्य दिया था। एक लाख 20 हजार रुपये की लागत से बनने वाले इन आवासों के लिए लाभार्थियों के खातों में पहली और तीसरी किस्त के रुप में 40-10 हजार रुपये आने थे।
जबकि दूसरी किस्त के रुप में 70 हजार रुपये मिलते हैं। अभी तक इनमें से कईयों को दूसरी तो बहुतों को तीसरी किस्त नहीं मिल सकी है, इंतजार जारी है। शेष किस्त के लिए विभाग ने डिमांड निदेशालय को भेज दी है। लेकिन अभी तक शेष बजट नहीं मिला है।
दूसरी और तीसरी किस्त के लिए बजट की मांग की गई है। जल्द ही बजट मिल जाएगा और आवासों का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
-डॉ. भोला नाथ कनौजिया, परियोजना निदेशक, डीआरडीए।
910 को बटेंगे शहरी पीएम आवास के स्वीकृति पत्र
बाराबंकी। नगरीय विकास अभिकरण द्वारा पात्रता पूरा करने वाले शहरियों को दिए जाने वाले प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र का वितरण शुक्रवार को होगा। कई दिव्यांगों को उनके जरूरत के हिसाब से उपकरण दिए जाएंगे।
परियोजना निदेशक डूडा सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि हैदरगढ़ कस्बे के सार्वजनिक इंटर कालेज में शुक्रवार को 910 लाभार्थियों को शहरी पीएम आवास के स्वीकृति पत्र का वितरण क्षेत्रीय विधायक बैजनाथ रावत और जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा 73 दिव्यांगों को उनकी जरुरत के अनुसार उपकरण दिए जाएंगे। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सामुदायिक शौचालय के सफल संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।