कैश किल्लत की समस्या कम नहीं हो रही है। बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें नोटबंदी के 42 वें दिन भी लग रही है। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को भी लोग पूरे दिन पैसा जमा करने व निकालने के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
वहीं ग्रामीण बैंक की शाखाओं व डाकघरों में अभी भी नकदी की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। बीते माह के 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पांच सौ व एक हजार के नोट बंद करने का एलान किया गया था।
नोटबंदी के इस ऐलान को करीब डेढ़ माह बीतने को है लेकिन बैंकों और एटीएम में कैश की व्यवस्था अभी भी सुधर नहीं रही है जिससे आम लोगों को धक्के खाने पड़ रहे हैं। हर रोज की तरह मंगलवार को भी सुबह से ही बैंकों में नकदी निकालने व जमा करने के लिए लोगों की भीड़ लग गई।
शहर के जिस एटीएम पर पैसे निकले वहां पर लंबी कतारें लगी रहीं। जबकि ग्रामीण इलाकों में बैंक व एटीएम से लोगों को जरूरत के हिसाब से पैसा नहीं दिया जा सका जिससे हर कोई परेशान रहा। ग्रामीण बैंक की जिले में सबसे ज्यादा 71 शाखाएं हैं लेकिन इनमें कैश ही नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीण बैंक के खाताधारकों द्वारा आए दिन इस बात की शिकायत की जाती है कि बैंक में घंटों खडे़ होने के बाद भी पैसा नहीं मिला लेकिन इसके बावजूद इसमें सुधार नहीं हो पा रहा है। इसी तरह जिले के समस्त डाकघरों से भी नकदी की दिक्कत दूर नहीं हो पाने से लोग कैश की समस्याओं से जूझ रहे है।