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जान जोखिम में डाल जर्जर पुलों से गुजर रहे लोग

Sat, 11 Jul 2015 11:52 PM IST
बाराबंकी /अमर उजाला ब्यूरो
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बारिश आते ही नदी, नाले उफनाने लगे हैं। नदी किनारे बसे गांवों का दूसरे गांव से संपर्क टूटने लगता है। लोग आवागमन के लिए आज भी जर्जर पुल से गुजरने को मजबूर हैैं। जहां पुल नहीं है वहां ग्रामीण बांस-बल्ली का पुल बनाकर किसी तरह आते जाते हैं। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से पुल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात ही रहा। आज भी नदी नाले पर सैकड़ों पुल जर्जर व बदहाल पड़े हैं। लोगों को बरसात के दिनों में काफी दिक्कतें होती हैं। पुलों के जर्जर होने के कारण भारी वाहन गांवों तक नहीं पहुंच पाते है जिससे उन्हें 10-20 किमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। नाले पर नहीं हो सका पुल का निर्माण तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के गोमती नदी के एक सहायक नाले पर सिल्लौर घाट पर काफी पुराना पीपे का पुल बना हुआ है। यह पीपे का पुल दानों ओर के सैकड़ों गांवों को जोड़ता है। पीपे के पुल पर लगे पटरे सड़ चुुके हैं। जिससे बाइक के अलावा ज्यादा भारी वाहन नहीं गुजर पाते हैं। इस पुल से स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर निकलते हैं। आस पास के ग्रामीणों ने क्षेत्रिय विधायक, सांसद व प्रशासन से नाले पर पक्के पुल का निर्माण कराने की कई बार मांग की। लेकिन ग्रामीणों की इस पीड़ा को किसी ने नहीं सुना। आज भी बरसात होने पर इस पुल से निकलना जोखिम भरा कदम है।   यहां आज भी लकड़ी के पुल से गुजरते लोग तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के कल्याणी नदी पर पहरूपुर गांव के पास कोई पुल नहीं है। इससे लोगों कों सुबेहा जाने के लिए करीब 20 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। जिससे निजात पाने के लिए आस पास के कई गांवों के लोगों ने प्रशासन से लेकर जन प्रतिनिधियों से पुल निर्माण कराने की मांग की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुल न होने से गांव के बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल पा रही थी। जिससे ग्रामीणों ने नदी पर लकड़ी का पुल बनाकर आवागमन शुरू किया। बरसात में तेज बहाव के कारण इस पुल से लोग निकलना बंद कर देेते हैं। शिकायत के बाद भी आज तक पुल नहीं बनने से क्षेत्रिय लोगों में काफी आक्रोश है। रदा नहर पर जर्जर पुल से हो रहा आवागमन तहसील फतेहपुर के राम निवास पुरवा के पास शारदा नहर पर बना पुल काफी जर्जर हो चुका है। पुल की रेलिंग टूटी पड़ी है व छत में दरारेें भी पड़ी हैैं। आस पास के लोगों में कमलेश, सुरेश, दिनेश, राजेश, प्रेमचंद, जमील, सुनील आदि लोगों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन देकर जर्जर पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की। प्रशासन द्वारा कोई सुनवाई न होने पर आज भी लोग उसी जर्जर पुलिया से गुजरने से मजबूर हैं। काम न आया किसानों का जल सत्याग्रह तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के गोमती नदी पर सिल्लौर घाट पर पुल निर्माण कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक सुंदर लाल दीक्षित व भाकियू के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया। प्रशासन को लोगों की पीड़ा दर्शाने के लिए लगातार दस दिनों तक जल सत्याग्रह किया। लेकिन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन देकर मामले को रफा दफा कर दिया। आज तक वहां पर पुल न बनने से लोगों में काफी आक्रोश है। जिले में कहां-कहां पर पुल और पुलियों की आवश्यकता है। इसके चिह्नीकरण का कार्य कराया जा रहा है। अभी विभागों के द्वारा कोई सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है। सूची मिलने के बाद इसका निर्माण कहां से होगा उससे संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। -हरिकेश चौरसिया, एडीएम
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