मसौली (बाराबंकी)। सत्संग से ही विवेक जागृत होता है और सत्संग प्रभु की भक्ति की ओर ले जाता है। सत्संग ध्यान से सुन लिया तो मानव जीवन के उद्देश्य के बारे में पता चल जाएगा। ये बातें बृहस्पतिवार को दादरा मजरे करमुल्लापुर में आयोजित सत्संग में बाबा जयगुरुदेव महराज के उत्तराधिकारी व जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के अध्यक्ष पंकज महराज ने सत्संग का महत्व बताते हुए कहीं।
उन्होंने अच्छे समाज के निर्माण के लिए शाकाहारी बनने, नशा त्यागने, धर्म का प्रचार करने और मानव जीवन को सफल बनाने का आह्वान किया। मथुरा आश्रम से चलकर अपने 27 दिवसीय शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध, आध्यात्मिक, वैचारिक जनजागरण यात्रा को लेकर बुधवार शाम अपने प्रथम पड़ाव पर दादरा के निकट करमुल्लापुर के बाग पहुंचे तो बड़ी संख्या में जय गुरुदेव अनुयायियों ने दीप प्रज्जवलित कलश, आतिशबाजी तथा बैंड बाजे के साथ यात्रा का स्वागत किया। बृहस्पतिवार सुबह जन जागरण यात्रा का प्रथम सत्संग समारोह हुआ, जिसमें सुबह से ही भीड़ जुटने लगी थी।
पंकज महराज ने कहा कि यह सत्संग है, जिसमें कौआ स्नान करके हंस बनकर निकलता है। यह कोई कथा कीर्तन, गाना बजाना नहीं। एक-एक शब्द को ध्यान देकर सुनना। कहा कि पहला शाकाहारी रहें और दूसरा नशे का परित्याग, तीसरा चरित्रवान बनना है। उन्होंने चरित्र को मानव धर्म की सबसे बड़ी पूंजी बताया। इस मौके पर रामकुंवर यादव, जिलाध्यक्ष रामचंद्र यादव, सत्यदेव वर्मा, कृष्ण मुरारी यादव, बाबूराम यादव, राम चौधरी, मृत्युंजय झा, बीबी दोहरे, विजय पाल सिंह, उमाशंकर त्रिवेदी, रमेश चंद्र आदि मौजूद रहे। सत्संग के बाद धर्म यात्रा गोरखपुर के लिए प्रस्थान कर गई।