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Barabanki News: न्यूजीलैंड व जापान वाले चखेंगे गुलाबखास व याकूती

Fri, 05 May 2023 09:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। जिले के याकूती, दशहरी, गुलाबखास व आम्रपाली जैसे रसीले आमों का स्वाद इस बार न्यूजीलैंड व जापान के लोग भी चखेंगे। यहां से आम लखनऊ के मैंगो हाउस पहुंचाए जाएंगे। इसके बाद इन्हें सुरक्षित तरीके से विदेश भेजा जाएगा। इसे लेकर उद्यान विभाग काफी उत्साहित है।
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जिले में 12250 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम के बाग हैं। करीब 50 प्रकार के आम की किस्में हैं। हर साल करीब दो लाख छह हजार मीट्रिक टन आम की पैदावार होती है। मसौली व पूरेडलई क्षेत्र मैंगो बेल्ट के रूप में जाने जाते हैं। सतरिख इलाके में आम के तमाम बाग हैं। पिछले 10 सालों से जिले में याकूती, दशहरी, गुलाबखास, आम्रपाली व दशहरी समेत कई किस्में खूब पैदा हो रही हैं। थाईलैंड के आम की कुछ किस्में भी पैदा हो रही हैं यहां का आम ही साल लखनऊ, गोरखपुर, अयोध्या व बहराइच के साथ नेपाल की मंडियों तक जाता है। इस बार लखनऊ के रहमानखेड़ा स्थित मैंगो हाउस जिले से आम मंगाकर न्यूजीलैंड व जापान भेजेगा। जापान का एक प्रतिनिधिमंडल बीते माह में मैंगो हाउस का निरीक्षण कर चुका है। मैंगो हाउस में आम का ट्रीटमेंट कर न्यूजीलैंड व जापान भेजा जाएगा। (संवाद)
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ये किस्में भी हैं यहां
बाराबंकी में याकूती, दशहरी, गुलाबखास व आम्रपाली के अलावा बनारसी लंगड़ा, चौसा, फजली, बंबई ग्रीन, बंबई, बहेली, सिंदूरी, अलफांजो, बैंगन पल्ली, हिम सागर, केशर, किशन भोग, मलगोवा, नीलम, सुर्वन रेखा, वनराज व जरदालू जैसी आम की किस्में पाई जाती हैं।
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खाड़ी देशों में भी जाता है आम
जिले से आम का निर्यात अन्य मंडियों में सालों से होता आया है। खाड़ी देशों तक आम भेजा जाता है। अब रहमान खेड़ा के मैंगो हाउस के माध्यम से जिले का आम न्यूजीलैंड व जापान तक निर्यात होगा।
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- महेश कुमार श्रीवास्तव, जिला उद्यान अधिकारी
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