शहर का नवीन सब्जी मंडी परिसर सोमवार को एकता और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का गवाह बना। एक तरफ ब्राह्मण, यादव, क्षत्रिय, वैश्य और दलित युवक-युवतियां सात फेरे ले रहे थे तो दूसरी तरफ मुस्लिम जोड़ों का निकाह हो रहा था। अवसर था भारतीय किसान यूनियन की तरफ से सामूूहिक विवाह कार्यक्रम का। कार्यक्रम में 258 जोड़ों ने एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसम खाई। इनमें से 252 हिंदू और छह जोड़े मुस्लिम थे। इस मौके पर लगभग 40 हजार लोगों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
भारतीय किसान यूनियन की तरफ स्व. महेन्द्र सिंह टिकैत की स्मृति में पिछले पांच वर्षों से सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को नवीन सब्जी मंडी परिसर में वैवाहिक समारोह कार्यक्रम का आयोजन भाकियू के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। इस दौरान हिंदू समाज की 252 और मुस्लिम समाज की छह कन्यायों का विवाह हुआ। वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए स्थानीय नेताओं के अलावा उनके परिवारीजन और रिश्तेदार भी मौजूद थे।
एक ओर जहां मंडप के नीचे वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच वैवाहिक कार्यक्रम चल रहा था तो दूसरी और परिवारीजन लजीज व्यंजनों का स्वाद ले रहे थे। भोजन से लेकर दान-दहेज तक की व्यवस्था भाकियू व समाज सेवियों की मदद से की गई थी। भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से गरीब कन्याओं की शादी कराने का जो बीड़ा उठाया गया था वह आज भी जारी है क्योंकि कन्यादान, रक्तदान, देहदान और नेत्रदान से बढ़कर जीवन में कोई दान नहीं है और ये सारे दान भाकियू कर रही है।
इस मौके पर अनुपम वर्मा, अनुज वर्मा, पप्पू प्रधान, गिरीश चन्द्र, दिनेश कुमार, लायकराम, हौसिला प्रसाद, अनिल वर्मा, विजय कुमार, उत्तम वर्मा, कुलदीप वर्मा, बब्लू वर्मा, सतीश कुमार, भगौती प्रसाद आदि मौजूद रहे।