महादेवा (बाराबंकी)। महादेवा महोत्सव में मंगलवार की रात प्रताप फौजदार की कॉमेडी लोगों के सिर चढ़कर बोली। महोत्सव के ऑडिटोरियम में प्रताप फौजदार ने अपनी प्रस्तुति दी तो लोग ठहाके लगाने लगे। जितनी देर वह मंच पर रहे, पंडाल में बैठे श्रोता हंसते गाते रहे। पूरी रात ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। प्रताप फौजदार ने पुलिस, नेता, अंग्रेजों से लेकर वर्तमान राजनीतिक प्रवेश पर अपने विशेष अंदाज में चुटकुले सुनाए।
प्रताप फौजदार जैसे ही स्टेज पर पहुंचे, दर्शकों ने तालियां बजा कर स्वागत किया। इसके बाद प्रताप फौजदार ने एक से बढ़कर एक हास्य-व्यंग की फुहारें छोड़ीं। शुरुआत में सुनाया जिसकी मस्ती जिंदा है, उसकी हस्ती जिंदा है...। पड़ोसी का बच्चा रोता है तो सिर में दर्द होता है, अपना बच्चा रोता है तो दिल में दर्द होता है। अपनी बीवी रोती है तो सिर में दर्द होती है पड़ोसी की बीवी रोती है तो दिल में दर्द होता है... की परफॉर्मेंस से दर्शकों को खूब गुदगुदाया।
इसके बाद घरवाली की चुप्पी अच्छी लगती है और पड़ोसन गप्पी अच्छी लगती है..., जिस बच्चे की मम्मी खूबसूरत हो उस बच्चे की पप्पी अच्छी लगती है, सुन हर कोई ठहाके लगाने को मजबूर हो गया। प्रताप फौजदार ने बताया कि दुनिया में हंसना और हंसाना दोनों मुश्किल काम हैं। इससे लोगों को हंसना और मस्त रहना चहिए। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ एसडीएम तान्या सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके साथ ही फौजदार को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर सीडीओ एकता सिंह, सीओ डॉ. बीनू सिंह, सुधाकर पांडेय, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।